फिर बंद होगी धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन! क्या हकीकत, क्या है फसाना, क्यों इन्हें लग रही साजिश की बू....

    फिर बंद होगी धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन! क्या हकीकत, क्या है फसाना, क्यों इन्हें लग रही साजिश की बू....

    धनबाद(DHANBAD) - शांतिपूर्ण आंदोलन और तथ्यों के बल पर बंद की गई धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को फिर से चालू कराने का इतिहास रचने वाले कतरास के आंदोलनकारियों को एक बार फिर लाइन बंद करने की साजिश दिखने लगी है. बता दें कि15 जून 2017 को ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे ने रेल लाइन को बंद कर दिया था. इसके बाद कुल 19 सवारी रेल गाड़ियों और 20 जोड़ी मालवाहक ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया था. कोई वैकल्पिक रुट का निर्धारण किए बिना रेलवे के इस निर्णय ने सबको चौकाया था. डीजीएमस की रिपोर्ट को आधार बनाकर यह सब किया गया. इसके बाद तो कतरास सहित धनबाद के लोग आंदोलनरत हो गए. कई स्तर पर आंदोलन की शुरुवात की गई. धीरे धीरे यह आंदोलन जनांदोलन बन गया. आंदोलन को दबाने के जितने प्रयास हुए, यह उतना ही फैलता गया. कोयलांचल में इस आंदोलन ने इतिहास बनाया और रेलवे और सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा. वहीं रेल लाइन फिर से 6 'फ़रवरी '2019 से चालू हुई. आग का भय दिखाकर अगर फिर से साजिश हो रही है तो आंदोलनकारी अभी से ही सचेत हो गए है.

    आंदोलनकारियों की सफलता

    कोई भरोसा नहीं कर रहा था कि आंदोलनकारियों को सफलता मिलेगी, लेकिन हठी आंदोलनकारी इतने टेक्निकल तथ्य जुगाड़ कर लिए थे कि जमीन पर आंदोलन चल रहा था और दूसरी टीम मंत्रियो, अधिकारियों से मिलकर फैक्ट्स बता रही थी. नतीजा हुआ की रेल लाइन चालू हो गई.

    साजिश की आशंका क्यों

    बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने The News Post को बताया कि लगातार कई दिनों से खबरे आ रही थीं कि रेल लाइन की बगल से धुआं निकल रहा है, लेकिन जांच में यह बेबुनियाद पाया गया. इतना ही नहीं, अभी हाल ही में रिले डिवाइस की रहस्मय ढंग से चोरी हुई. आशंका की सबसे बड़ी वजह उन्होंने बताया कि जमीन से कम से कम 75 फ़ीट नीचे भूमिगत आग का स्टेटस जानने के लिए रियल मोनेटरिंग सिस्टम की मशीन लगाई गई थी, वह मशीन चोरी हो गई है. उसके बाद बीसीसीएल ने दूसरी मशीन नहीं लगाई है, जिससे भूमिगत आग का पता नहीं चल रहा है. सबसे बड़ी बात है कि बीसीसीएल द्वारा आग को कंट्रोल करने के लिए बांसजोडा-बसेरिया, तेतुलिया रेल लाईन के किनारे किए गए बोर हाल में सोडियम सिलिकेट (कैमिकल) डाला जाता था, जिसे अब डालना बंद कर दिया गया है और डीजीएमएस भी चुप हैं. विजय झा ने कहा कि वे लोग चुप नहीं बैठेंगे और इस साजिश का पर्दाफाश करेगें .

    रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद 


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