गुमला(GUMLA) : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का सोलहवां वर्षगांठ पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) और अस्तित्व विहिन राज्य सूचना आयोग को बचाने के लिए जिले में मंगलवार को प्रदर्शन किया गया. भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच के आवाहन पर जिले के दर्जनों आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गुमला कचहरी परिसर स्थित हड़ताली पेड़ के समीप धरना प्रदर्शन किया.
यह प्रदर्शन सूचना आयोग में सूचनायुक्तों की नियुक्ति एवं अन्य मांगों को लेकर किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच के केंद्रीय महासचिव आनंद किशोर पंडा ने कहा कि आज ही के दिन 12 अक्टूबर 2005 को भारतीय संसद द्वारा सूचना का अधिकार भारत के सभी जन मानस को मिला था जिसका आज सोलह वर्ष पुर्ण हो गया. लेकिन सरकार ने एक दिन भी इस अधिकार को लेकर कहीं भी आरटीआई जन जागरूकता अभियान नहीं चलाया है. यहां तक कि सूचना का अधिकार पर सुनवाई के लिए राज्य स्तर पर गठित राज्य सूचना आयोग में एक भी सूचनायुक्त तक नहीं है. इस तरह से सरकार आम जनता को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रही है. जिसे जनता कभी भी बर्दास्त नहीं करेगी.
राज्यपाल के नाम उपायुक्त को सौंपा मांग-पत्र
कार्यक्रम को सुनील कुमार दास,, महेन्द्र उरांव, लक्की साहु , अजीत कुमार विश्वकर्मा, बिरेंद्र तिर्की, मनोज वर्मा, मो तनवीर, हेरमन मिंज, अर्जून साहु, ओम प्रकाश शर्मा, लाल अरविन्द, अजय कुमार, अजीत कुमार विश्वकर्मा, मो शहजाद सहित कई लोगों द्वारा सम्बोधित कर झारखण्ड सरकार के क्रियाकलापों पर सवाल उठाया गया और अविलम्ब सूचनायुक्तो की नियुक्ति करने की मांग किया गया. इसके साथ ही महामहिम के नाम पांच सूत्री मांग उपायुक्त को सौंपा गया. बाइट-सुनील कुमार
रिपोर्ट: सुशील कुमार, गुमला
Thenewspost - Jharkhand
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