कोयला दें हुजूर ,नहीं तो बिजली के लिए मचेगी हाहाकार

    कोयला दें हुजूर ,नहीं तो बिजली के लिए मचेगी हाहाकार
    धनबाद (DHANBAD) :  पावर प्लांट को कोयले की आपूर्ति जल्द नहीं सुधरी तो कोयलांचल धनबाद सहित समूचे झारखण्ड में बिजली के लिए हाहाकार मच जाएगी. जिस धनबाद के कोयले से देश रौशन होता है, आजकल ये खुद प्रतिदिन 7 से 8 घण्टे बिजली संकट से जूझ रहा है. आपको बता दें कि झारखण्ड के तीन पावर प्लांट को जरुरत से आधे कोयले की आपूर्ति हो रही है. पावर प्लांटों ने बीसीसीएल और इसीएल को त्राहिमाम सन्देश भेजा है और वर्तमान हालात से अवगत करते हुए सप्लाई बढ़ाने की मांग की है. जानकर सूत्रों के अनुसार अमूमन पावर प्लांटों में 25 दिनों का कोयला स्टॉक रहता है लेकिन अभी मात्र 10 दिनों का ही स्टॉक बचा है. मौसम की मार कोयला कम्पनियां भी झेल रही हैं. उत्पादन घटने के कारण डिस्पैच में लगातार कमी दर्ज हो रही है.

    खपत अधिक,सप्लाई कम

    हालांकि, प्रबंधन  प्राथमिकता के आधार पर पावर प्लांटों को कोयला देता है. फिर भी पावर प्लांटों को मांग के अनुरूप कोयला नहीं मिल पा रहा है.  
     हालांकि, आधिकारिक सूत्रों की मानें  तो बीसीसीएल के उत्पादन में ग्रोथ है. लेकिन यह ग्रोथ भी 5 या 10 परसेंट ही है. झारखण्ड में DVC के तीन पावर प्लांट हैं. कोडरमा थर्मल पावर प्लांट ,जिसकी क्षमता 1000 मेगावाट का है. रोज 11000 मीट्रिक टन कोयले की जरुरत है. लेकिन मिल रहा है केवल 6 से 7 मीट्रिक टन. दूसरा है चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट. इसकी क्षमता 500 मेगावाट की है. प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन कोयले की जरुरत होती है. लेकिन मिल रहा है केवल 3000 मीट्रिक टन. तीसरा पावर प्लांट है बोकारो थर्मल. इसकी क्षमता भी 500  मेगावाट की है. यहां डेली 600 मीट्रिक टन कोयले की जरुरत है लेकिन जा रहा है केवल 3000 मीट्रिक टन कोयला. झारखण्ड सरकार की एकमात्र थर्मल परियोजना टीटीपीएस में तो कोयले की और अधिक किल्लत है. यहां तो केवल एक दिन का ही स्टॉक है. इस प्लांट की क्षमता 420 मेगावाट की है लेकिन कोयले की कमी के कारण  एक यूनिट 4 माह से बंद है.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news