बासुकीनाथ में त्रिशुल और ध्वजा का दर्शन कर धन्य हुए शिवभक्त

    बासुकीनाथ में त्रिशुल और ध्वजा का दर्शन कर  धन्य हुए शिवभक्त

    दुमका(DUMKA) हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व होता है. ऐसा कहा जाता है कि पूर्णिमा के दिन महादेव और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. हर माह में एक बार पूर्णिमा पड़ती है. ऐसे में आज सावन मास की पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है. वहीं एक ओर कोरोना की वजह से इस वर्ष भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम स्थित मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया है. जिसके बाह भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली.ऐसे में कहा जा सकता है कि कोरोना पर आस्था भारी पड़ गया क्योंकि मंदिर में मौजूद लोगों ने ना ही सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किया और ना ही कोई कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करते नज़र आया. 

    त्रिशूल और ध्वजा के दर्शन मात्र से प्रसन्न हुए शिव भक्त

    बता दें कि झारखंड सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आम श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में प्रवेश वर्जित रखा गया हैं.जिसके बाद भी बासुकीनाथ धाम में पूर्णिमा के अवसर पर शिवभक्तों की भीड़ देखने को मिली. बाबा के दर्शन को लालायित शिवभक्त बाबा बासुकीनाथ में त्रिशूल और ध्वजा के दर्शन मात्र से प्रसन्न दिखाई दिए.साथ ही सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के बाहर से ही बाबा को जल और फूल अर्पण करते हुए वापस लौट गए.वहीं मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ ना उमड़े इसको लेकर प्रशासन चौकन्ना रही.

    रिपोर्ट:सुतिब्रो गोस्वामी,दुमका/जरमुंडी

     

     


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