सिर्फ इंसानों को सांपों से नहीं, सांपों को भी इंसान से बचाते हैं छोटू


जमशेदपुर(JAMSHEDPUR) बागबेड़ा के रहने वाला एक शख्स जो स्नेक मैन के नाम से जाना जाता है, लोगों के एक फोन पर मदद के लिए पहुंचने वाले छोटू अपनी टीम के साथ लोहनगरी में सांप पकड़ने के लिए बेहद प्रचलित है. छोटू के पास एक टीम है जो फोन से सूचना मिलते ही सांप पकड़ने को सक्रिय हो जाती है.वे खुद को स्नेक सेवर कहलाना पसंद करते हैं.वह न सिर्फ सांपों से इंसान की रक्षा करते हैं बल्कि इंसानों से सांपों को बचाते हैं और कानून के दायरे में काम करते हुए पकड़े गए सापों को जंगल में छोड़ देते हैं.छोटू बताते हैं कि झारखंड में महज पांच प्रजातियों के सांप ही है जो जहरीली होती हैं लेकिन लोग सांप के भय से उसे मारने लगते है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है.इसलिए छोटू अपनी टीम के साथ तत्पर रहते हैं और लोगों से लगातार अपील करते हैं कि वे तुरंत उन्हें खबर करें ताकि वे सांप को पकड़कर उसे जंगल में छोड़ दें.
कई सालों से लोगों की कर रहे है मदद
जब लोग पुलिस को सांप निकलने की सूचना देते हैं तब पुलिस छोटू से संपर्क करती है.एक बार शहर के मानगो क्षेत्र में डीएसपी की स्कूटर में सांप निकलने पर छोटू की टीम के सदस्य तुरंत पहुंचे और सांप को पकड़ा.घाघीडीह सेंट्रल जेल परिसर में तो अक्सर अजगर निकल जाता है जिसके बाद लोग छोटू को बुलाते हैं.
लोगों को सांपों के प्रति करते हैं जागरूक
छोटू लोगों को सांपों के प्रति जागरूक करने का काम करते हैं ताकि कोई सांपों को मारे नहीं, साथ ही इतना भयभीत भी न हो कि मौत हो जाए.एक वाक्या का जिक्र करते हुए छोटू बताते हैं कि कुछ समय पहले घाघीडीह की एक महिला को सांप काटने पर सदर अस्पताल लाया गया जहां एंटी वेनम दवा की अनुपलब्धता पर उसे एमजीएम भेजा गया लेकिन वहां भी दवा न मिलने पर टीएमएच ले जाया गया जहां जगह न मिलने पर कांतिलाल में भर्ती कराया गया। इलाज तो हो रहा था मगर दिक्कत ये थी कि महिला बहुत घबराई हुई थी और परिजनों को लग रहा था कि डर से मौत न हो जाए, तभी उनलोगों ने छोटू से संपर्क किया तो छोटू ने सांप की प्रजाति जानने के लिए उसकी तस्वीर मांगी ,तस्वीर सेंड बोआ सांप की थी जिसके संदर्भ में छोटू की ओर से ये बताने पर कि सांप जहरीला नहीं है उस महिला की हालत सुधर गई.
एक फोन पर पहुंच जाती है पूरी टीम
छोटू की टीम के तरूण कालिंदी उर्फ चीकू, रजनी लहल,विशु श्रीवास्तव, राहुल और शुभम मुखर्जी किसी भी समय सांप रेस्क्यू के लिए तैयार रहते हैं और फोन पर सूचना मिलते ही निकल पड़ते है.छोटू सांपों के बारे में और भी ज्यादा जानकारी के लिए देश के बाकी सर्प सेवरों से वाट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़े हैं.इस ग्रुप से वे सांपों से संबंधित सूचनाओं का आदान प्रदान करने के साथ अपनी जानकारी बढ़ाते.
रिपोर्ट : अन्नी अमृता, जमशेदपुर
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