अवैध खनन के खिलाफ रातभर छापेमारी करते रहे डीसी-एसपी , 42 टन अवैध कोयला, चार बाइक और तीन मोबाइल जब्त
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दुमका(DUMKA): दुमका डीसी रवि शंकर शुक्ला ने लगातार दूसरी रात दुमका के बिजयपुर से लेकर शिकारीपाड़ा के पश्चिम बंगाल बार्डर तक छापेमारी की है. इस बार डीसी ने शिकारीपाड़ा के अवैध कोयला खदानों को निशाना बनाया है. पातनपुर, अस्ताजोड़ा, हीरापुर, नौपहाड़ और पंचवाहिनी में किये गये छापेमारी में 42 टन कोयला, तीन मोबाइल और चार बाइक जब्त किया गया है. इसके अलावा दुमका से पत्थर चिप्स लोड एक हाईवा को भी जब्त किया गया है. अवैध कोयला माफिया के रूप में शिकारीपाड़ा के जामबाद गांव के जाफुर और बबई हेम्ब्रम को चिन्हित किया गया है, जिन्हें गिरफ्तार करने के आदेश दिये गये हैं. हीरापुर और नौपहाड़ के उन्हीं अवैध खदानों से कोयला निकाला जा रहा था जिसे जनवरी 2022 में जिला प्रशासन ने डोजरिंग कर बंद करवा दिया था. शाम 6 बजे से लेकर दूसरी सुबह 03 बजे तक यानि नौ घंटों तक चले इस बड़ी कार्रवाई में इस बार डीसी के साथ एसपी अंबर लकड़ा, डीएफओ अभिरूप कुमार सिन्हा, जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कु, एसडीओ महेश्वर महतो, एसडीपीओ नूर मुस्तफा अंसारी, शिकारीपाड़ा सीओ राजू कमल, दुमका सीओ रामा रविदास और शिकारीपाड़ा थानेदार अरविन्द कुमार समेत जिला खनन टास्क फोर्स के सभी अधिकारी भी चल रहे थे.
पांच हाइवा किया जब्त
वहीं आज दिन शिकारीपाड़ा अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में नोपहाड़ जंगलम में कोयला माफिया द्वारा डंप कर रखा गया लगभग 5 हाइवा कोयला जब्त किया गया. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद अधिकारियों की टोली दो दिनों से दिन रात जंगल और पहाड़ का खाक छानते हुए खनिज संपदा के अवैध खनन और परिवहन को लेकर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. अवैध कोयला का उत्खनन सिर्फ शिकारीपाड़ा में ही नहीं बल्कि गोपीकांदर, काठीकुंड और रामगढ़ प्रखंड में भी होता है. डीसी रवि शंकर शुक्ला ने फिर दोहराया है कि अवैध खनन एवं परिवहन के साथ ही सभी तरह के अवैध कारोबारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
विजयपुर से की डीसी ने छापेमारी की शुरुआत
डीसी रवि शंकर शुक्ला ने गुरूवार की शाम 6 बजे से अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ छापेमारी की शुरूआत विजयपुर में चेकनाका लगवाने से की. वहां दुमका सदर सीओ यामुन रविदास को पुलिस बल के साथ तैनात कर चेकनाका लगा दिया गया. पर, एक दिन पहले किये गये कार्रवाई के कारण सड़क पर पत्थर लदे वाहन नहीं आये. गुरूवार शाम 6 बजे से लेकर शुक्रवार के सुबह 03 बजे तक विजयपुर में एकमात्र अवैध स्टोन चिप्स लदा हाईवा ही नजर आया जिसे जब्त कर लिया गया है. छापेमारी के दौरान अधिकारियों की टीम के साथ डीसी शिकारीपाड़ा के कुलकुली डंगाल भी पहुंचे, पर वहां सबकुछ बंद पड़ा हुआ था. गुरूवार की रात डीसी रवि शंकर शुक्ला ने मसलिया मोड़ में स्थित शिशूपाल राउत के आरा मिल में भी छापेमारी की. डीएफओ एवं वन विभाग के कर्मियों ने आरा मिल और रेकार्ड की जांच की, पर पाया गया कि आरा मिल संचालक पुराना स्टॉक मेंटेन किये हुए था.
डीसी का काफिला आगे बढ़ा
रात के 11 बजे डीसी का काफिला शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के हीरापुऱ इलाके में उस जगह पहुंच गया, जहां संचालित चार सुरंगनुमा कोयला खदानों को जिला प्रशासन ने 18 जनवरी 2022 को डोजरिंग कर बंद करवा दिया था. डीसी जब खदानों के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां 35 बोरा कोयला पैक कर चार बाइकों पर रखा गया था. अवैध कोयला खदान के अंदर से कोयला निकालने की आवाज आ रही थी. पर छापेमारी की भनक लगते ही कोयला निकाल रहे लोग अंधेरे का फायदा उठाकर कोयला, बाइक और मोबाइल छोड़ कर मौके से भाग खड़े हुए. यहां डीसी ने तीन मोबाइल बरामद किया. यहां मिले 35 बोरा कोयला और चार बाइक को जब्त कर साथ चल रहे एक गाड़ी और शिकारीपाड़ा से दूसरी गाड़ी मंगवाकर टास्क फोर्स अपने साथ ले गयी, जिसे शिकारीपाड़ा के वन-विभाग के परिसर में रखा गया है. यहां अवैध कोयला खनन का काम करनेवाले लोग शिकारीपाड़ा के जामबाद इलाके के रहनेवाले हैं. यहां के कोयला माफिया के रूप में जामबाद गांव के जाफुर को चिन्हित किया गया है जिसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
रात के एक बजे डीसी नौपहाड़ पहुंचे
रात के लगभग एक बजे डीसी रवि शंकर शुक्ला एसपी अंबर लकड़ा एवं अन्य अधिकारियों के साथ नौपहाड़ पहुंच गये. यहां 20 कोयला खदान बना हुआ है जिसे 17 व 18 जनवरी 2022 को डोजरिंग कर बंद कर दिया गया था. पर डीसी ने पाया कि कोयला माफियाओं ने फिर से इन खदानों को खोल दिया था. खदानों में मिले निशानों से पता चला कि यहां पोकलन से कोयला का खनन किया जा रहा था और खदानों से कोयला निकाल कर डंप किया जा रहा था. खदानों के पास लगभग 40 टन कोयला डंप कर रखा गया था जिसे जब्त कर शिकारीपाड़ा सीओ और थानेदार को सुपुर्द कर दिया गया. बाद में यहां चौकीदार की ड्यूटी लगा दी गयी. छानबीन में यह भी पता चला कि इन अवैध कोयला खदानों का संचालन बबई हेम्ब्रम द्वारा किया जा रहा है जिसे उपायुक्त ने जिला बदर कर रखा है. अवैध कोयला खदानों पर छापेमारी के क्रम में डीसी पंचवाहिनी भी गये पर वहां कोयला नहीं निकाला जा रहा था. पातनपुर और अस्ताजोड़ में अवैध रूप से कोयला डंप कर रखे जाने की सूचना पर दोनों जगह छापेमारी की गयी पर वहां भी कुछ नहीं मिला.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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