चाईबासा(CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी बस्ती स्थित बालाजी आयरन ओर माइंस संचालक अनिल ख़िरवाल और जिला खनन विभाग ने साथ मिल कर लाखों टन से ज्यादा लौह अयस्क की हेराफेरी की है. यहां सरकारी प्रावधानों को ताक में रखकर रात दिन अवैध खनन किया गया है. दो अलग-अलग लौह अयस्क भंडारण करने के आलावा कई छोटे-छोटे स्टॉक्स बनाए गए हैं. ये सारी बातें भाजपा नेता अशोक पान ने गुरुवार को नोवामुंडी के बालाजी आयरन ओर माइंस और पिनाकल ट्रेडर्स के लौह अयस्क भंडारण स्थल का दौरा करते हुए कहा है. पान ने बताया कि जिला खनन विभाग सभी घोटालो का सूत्रधार है. इससे पहले भी बाडाजामदा क्षेत्र में खदान की लीज समाप्ति से पहले लाखों टन लौह अयस्क अन्यंत्र स्टॉक करके बेचा गया था. इसी तरह से अनिल खिरवाल के माइंस की लीज अवधि 30 अप्रैल 2022 के समाप्ति से पहले पिछले तीन चार महीनों में वार्षिक खनन क्षमता 74 हजार टन यानि प्रत्येक महीने 6.1 मैट्रिक टन लौह अयस्क खनन करना था. मगर, यहां खनन प्रावधानों को ताक में रखकर लाखों टन को विभिन्न प्लॉट में स्टॉक किया गया, ताकि खदान बंद हो जाने के बाद भी मनमाने मूल्य पर लौह अयस्क को बेचा जा सके. अशोक पान ने बताया कि इस माइनिंग घोटाले को अंजाम देने के लिए नोवामुंडी बस्ती पिनाकल ट्रेडर्स के कागजी स्टॉक 75 हजार टन के लिए विक्रेता अनिल खिरवाल ने अपने बेटे अंकित खिरवाल को लौह अयस्क का खरीददार बनाया गया है. यहां चारदीवारी के बाहर में हजारों टन लौह अयस्क भंडारण किया गया है. इसी तरह से बोकना स्थित राजश्री मिनरल स्टॉकिंग यार्ड में लगभग 50 हजार टन लौह अयस्क भंडारण किया गया है जिसमें भी परिवार के लोगों को खरीददार बनाकर फर्जीवाड़ा किया गया है.
2020 से शुरू हुई थी लौह अयस्क घोटाले की कहानी
अनिल खिरवाल माइंस की माइनिंग लीज 30 अप्रैल 2022 को समाप्त होनी थी. यहां अंतिम समय में सभी खदानों की लीज खत्म होने के बाद बालाजी माइंस के लो ग्रेड लंप और फाइन्स की डिमांड बढ़ी. ऐसे में खदान मालिक वृहत स्तर पर खनन कर तेजी से खनन कर लौह अयस्क को बेचना चाह रहे थे. इस दौरान वर्ष 2020 में अनिल खिरवाल ने सरकार के समक्ष अपनी खनन क्षमता विस्तारीकरण 74 हजार से 3 लाख टन करने का प्रस्ताव रखते हुए माइंस में लोक सुनवाई कराया, परंतु यहां सरकार ने इस छोटे से 19.331 हेक्टर में फैले भू-भाग में माइनिंग प्लान को रिजेक्ट करते हुए विस्तारीकरण के प्रस्ताव को रद्द कर दिया. इसके बाद भी खदान प्रबंधन ने क्षमता से अधिक खनन करने का काम जारी रखा और खदान बंदी होने बेहतशा तौर पर माइनिंग करते हुए स्टॉकिंग किया. भाजपा नेता अशोक पान ने मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच कमिटी द्वारा खदान के पिछले छह महीनों की खनन प्रक्रिया का बायोडाटा लेने तथा स्टॉक का मूल्यांकन कर कार्रवाई करने की मांग की है.
क्या कहतें हैं जिला खनल पदाधिकारी निशिकांत अभिषेक
इस सबंध में पश्चिमी सिंहभूम जिला खन्न पदाधिकारी निशिकांत अभिषेक से जब पूछा गया कि माइंस संचालक अनिल खिरवाल के द्वारा स्टॉक को किस आधार पर अभी तक खाली कर रहा है, तब उन्होनें कहा कि अनिल खिरवाल विभाग के द्वारा दिए गए समय अवधि तक ही लौह अयस्क के रखे हुए स्टॉक का उठाव किया गया है. जबकि इसका माल उठाव का अंतिम डेडलाईन 30 अप्रैल तक ही था, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि जब 30 अप्रैल तक अंतिम आदेश दिया गया था. तब कैसे अभी तक माल उठाया जा रहा है, इसका वीडियो है तब वे चुप्पी साध गये. फिर कुछ देर बाद कहते है ऐसा हो रहा है अच्छा देखते है और फोन काट देतें हैं.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा, चाईबासा
Thenewspost - Jharkhand
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