मंदिर जमीन विवाद : अनशनकारी परिवार की जमीन नहीं, तो फिर किसकी है जमीन ? पढ़िए पूरी खबर

    मंदिर जमीन विवाद :  अनशनकारी परिवार की जमीन नहीं, तो फिर किसकी है जमीन ? पढ़िए पूरी खबर

    धनबाद(DHANBAD): एक तरफ अपनी दुकान और जमीन बचाने के लिए बाघमारा का एक परिवार पिछले 6 दिन से धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर अनशन पर है. वहीं दूसरी ओर आज विधायक ढुल्लू महतो ने भाजपा जिला कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह जमीन उन लोगों की है ही नहीं. अनशन पर बैठे परिवार को ही अतिक्रमणकारी बताया. विधायक के अनुसार यह जमीन शांति देवी नामक महिला की है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांति देवी भी मौजूद थी.

    विधायक ने कहा कि विजय झा और जलेश्वर महतो ने एक साजिश कर अनशन शुरू कराया है. अगर उस परिवार को कुछ होता है तो उसके लिए जिम्मेवार विजय झा और जलेश्वर महतो ही होंगे. विधायक का आरोप है कि अशोक महतो जहां दुकान चलाते थे और जिस घर में रहते हैं, वह उनकी जमीन नहीं है और अगर है तो उसके कागजात दिखाए. उन्होंने विजय झा को चुनौती दी कि 3 दिनों का समय देते हैं, जहां कोई बोले शांति देवी जमीन के पेपर साथ मौजूद रहेगी और दूसरे पक्ष के पास भी जमीन के जो जो कागजात है, उसे लेकर पहुंचे. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

    अनशन पर बैठे परिवार की हालत बिगड़ी

    दूसरी ओर अनशन के छठे दिन परिवार की हालत बिगड़ रही है. अशोक महतो की पत्नी की तबीयत खराब है, वह कुछ बोल नहीं पा रही है. बेटी का भी चेहरा फुला हुआ दिख रहा है. वह कहती है कि मां कई बीमारियों से ग्रसित है, उसे माइग्रेन भी है, उसे और भी बीमारी है. उसका ऑपरेशन करना जरूरी है लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि हम लोगों को धरना पर बैठना पड़ा है. अशोक महतो का कहना है कि जमीन उनकी है, प्रशासन इसकी जांच करा लें. उन्होंने कहा कि शांति देवी की जमीन के बारे में जो बातें हो रही है वह जमीन दूसरी है.  उनकी जमीन अलग-अलग है, जिस पर विधायक की गिद्धदृष्टि है. अशोक महतो भी चुनौती देते हैं कि यह सारा काम विधायक ढुल्लू महतो करा रहे हैं. उन्होंने ही दुकान के आगे टैंकर खड़ा कराया है, आगे-पीछे ईट  गिरा दिया है और अब जमीन से बेदखल करना चाहते हैं. उनकी मंशा है कि अशोक महतो अगर उनके आगे सरेंडर कर देगा तो वह वहां की सारी जमीन हथिया लेंगे. क्योंकि, दूसरे में विरोध करने की ताकत नहीं है. इस वजह से अशोक महतो के परिवार को उन्होंने टारगेट किया है. उन्होंने राजनीतिक कारणों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कोई चारा नहीं देखते हुए स्वयं अनशन करने का निर्णय लिया है और जब तक जांच कर जमीन और दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाती, उनका अनशन जारी रहेगा.  ‘

    टैंकर लगाकर दुकान कराया गया बंद

    बता दें कि राम राज मंदिर की गेट पर अशोक महतो की दुकान है, जहां छोला चाट बेचकर उनका परिवार अपना पेट चलाता था. लेकिन कई माह पहले उसकी दुकान के आगे टैंकर खड़ा कर दिया गया. तब वह ठेला पर दुकान चलाने लगे. अब उस टैंकर के आगे पीछे की जगह को भी घेर दिया गया है. ताकि कोई जगह बचे  ही नहीं और अशोक महतो का परिवार पूरी तरह से सड़क पर आ जाये. सवाल उठता है कि सब कोई अगर यही दावा कर रहे हैं कि जमीन उनकी है तो प्रशासन की भूमिका बढ़ जाती है. इतना तो तय है कि टैंकर किसी दबंग का ही होगा.

    रिपोर्ट: शाम्भवी के साथ प्रकाश  


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