पोषण सखी का दर्द : घर की दहलीज लांघ कर आयी थी नौकरी करने, अब नौकरी लेकर ही जाएंगे घर


धनबाद(DHANBAD): नौकरी से हटाए जाने के विरोध में आंगनबाड़ी पोषण सखी आज सड़कों पर उतरी. उन्हें पहले अप्रैल से ही नौकरी से हटा दिया गया है. एक साल का वेतन भी लंबित है, आज धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर उनका आक्रोश चरम पर था. महिलाएं आक्रोशित थी. कह रही थी कि घर की दहलीज लांघना महिलाओं के लिए कितना कठिन होता है और एक बार दहलीज पार कर वह नौकरी में आई, फिर उनकी नौकरी ही खत्म कर दी गई. अब फिर वापस दहलीज के भीतर नहीं जाएंगी.
झूठ का पुलिंदा है हेमंत सरकार
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार से लड़कर वे अपनी नौकरी लेंगी. इसके पहले भी उन लोगों ने रांची में एक महीने तक आंदोलन किया है, फिर आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि झारखंड के 6 जिलों में 10,000 से अधिक पोषण सखियां काम कर रही है. उनका वेतन भी रोक दिया गया है और नौकरी से भी हटा दिया गया है. यह अन्याय अब सखियां बर्दाश्त नहीं करेंगी. उन्होंने हेमंत सरकार को झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि एक तरफ रोजगार देने की घोषणा सरकार करती है दूसरी ओर रोजगार लेती है.
रिपोर्ट: धनबाद से शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश
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