देवघर (DEOGHAR) : त्रिकुट रोपवे हादसा के बाद किसी अप्रिय आपदा को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. अब सब की नज़र विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के सफल संचालन पर टिकी है. खासकर बाबा मंदिर के आसपास का क्षेत्र अतिक्रमण को लेकर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी. पिछले दिनों आपदा प्रबंधन की बैठक में मंदिर के आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया. इसी के तहत आज अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. नगर निगम के आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन के अधिकारी के समक्ष अतिक्रमण की दुकानों को हटाया गया.
बिजली पोल का क्या करें !
बुलडोजर के सहारे फुटपाथ और सरकारी जमीन पर बनी सीढ़ी और दुकान को तोड़ा गया. बाबा मंदिर के आसपास का क्षेत्र में अतिक्रमण से वहां की गलियां संकरी दिखाई देती हैं. अगर किसी तरह का अप्रिय घटना घट जाए तो दमकल हो या बड़ी एम्बुलेंस की गाड़ी मंदिर तक पहुँचना नामुमकिन है. हालांकि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के बावजूद ये गाड़िया मंदिर तक अभी भी नही पहुँच पा रही हैं. बिजली का तार और सड़क किनारे बिजली पोल गाड़ियों के लिए बाधक बनी हुई है.
गौरतलब हो कि कोरोना की वजह से पिछले दो साल से श्रावणी मेला का आयोजन नहीं हो रहा था. दो वर्षों बाद मेला का आयोजन किया जा रहा है. इस वर्ष अपार भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन आपदा को लेकर पूरी तरह सजग दिख रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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