देवघर रोप-वे हादसा: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने माना, हादसे में हुई चूक

    देवघर रोप-वे हादसा: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने माना, हादसे में हुई चूक

    रांची (RANCHI) : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दीपक प्रकाश द्वारा देवघर केबल-कार दुर्घटना के लिए झारखंड सरकार को दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद, राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने बुधवार को स्वीकार किया कि वहां कुछ चूक हो गई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

    बन्ना गुप्ता ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री इस मामले पर बहुत गंभीर हैं. उन्होंने खुद संज्ञान लिया है और जांच का आदेश दिया है और एक जांच समिति का गठन किया है. दुर्घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.

    रविवार को देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर एक रोपवे पर कुछ केबल कारों की टक्कर हो गई थी. इसके बाद IAF को रोपवे सेवा में फंसे 59 पर्यटकों को बचाने का जिम्मा मिला. इस बचाव दल में IAF के साथ एनडीआरफ, आईटीबीपी और पुलिस के जवान भी शामिल थे. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हैं.

    हादसे के जिम्मेवार लोगों पर होगी कार्रवाई

    मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि जांच के बाद इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मैं मानता हूं कि कुछ चूक हुई है. लापरवाही में शामिल लोगों के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है. मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि झारखंड सरकार यह सुनिश्चित करने की योजना बना रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. उन्होंने कहा कि हम कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न केवल इस स्थान पर बल्कि अन्य पर्यटन स्थलों जैसे जलप्रपात आदि में भी ना हों. हम अपने राज्य को सुरक्षित रखने की योजना बना रहे हैं. केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीआईएमएफआर) द्वारा त्रिकूट रोपवे पर की गई ऑडिट रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हर चीज की जांच की जा रही है.

    तीन सप्ताह पहले ही हुआ था ऑडिट

    धनबाद स्थित सरकारी एजेंसी सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (CIMFR) ने केबल कारों को ढोने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 1,770 मीटर लंबी स्टील की रस्सी का लगभग तीन सप्ताह पहले एक सुरक्षा ऑडिट किया था और बताया था कि इसकी स्थिति 'संतोषजनक' थी.

    हालांकि, अपनी सिफारिश में एजेंसी ने कहा था कि रस्सी पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह सात साल से अधिक पुरानी है. ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि विशेष रूप से रस्सी के बंटवारे वाले हिस्से और इस जांच में स्थानीय खामियों के रूप में पहचाने गए हिस्सों पर करीब से नजर रखने का सुझाव दिया गया है. रस्सी को साफ और जंग से सुरक्षित रखा जाना चाहिए.

    सात साल से अधिक पुरानी है रस्सी

    इसमें आगे कहा गया है कि व्यास और लंबाई के माप पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है क्योंकि रस्सी सात साल से अधिक पुरानी है. यदि कोई असामान्यता दिखाई देती है तो रस्सी को तुरंत बदला जा सकता है. इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देवघर रोप-वे हादसा और लोहरदगा हिंसा में मृतकों के आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

     


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