नरियरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय, तोके मरबो रे सुगवा धनुख से...


धनबाद (DHANBAD) : चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था के महापर्व छठ के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर शुक्रवार को छठ व्रतियों ने अपना उपवास तोड़ा. शुक्रवार सुबह पौ फटने के पहले ही व्रती परिवार और सगे संबंधियों के साथ घाटों पर पहुंचे और सूर्य भगवान निकलने का इंतजार किया. इस दौरान व्रती पानी में खड़े हो कर भगवान भास्कर की आराधना करती रहीं. सूर्य की लालिमा जैसे ही दिखी व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया और सुख -शांति की कामना की. इसी के साथ ही चार दिनों का कठिन महापर्व समाप्त हो गया. धनबाद के विभिन्न तालाबों में व्रतियों की भीड़ रही. कोरोना काल के बाद पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कोयलांचल में चैती छठ महापर्व मनाया गया. श्रद्धालुओं की माने तो होली के बाद से ही इस पर्व की तैयारी शुरू कर दी जाती है और परिचितों को बताना शुरू कर दिया जाता है कि हमारे यहां छठ पूजा होगी. इसी के साथ पूजा में लगने वाली सामग्रियों की तैयारी भी शुरू हो जाती है.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
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