80 वर्षीय आदिवासी वृद्दा को नहीं मिल रहा कोई लाभ, खुद मेहनत कर भर रही पेट

    80 वर्षीय आदिवासी वृद्दा को नहीं मिल रहा कोई लाभ, खुद मेहनत कर भर रही पेट

    गुमला(GUMLA): सरकार लाख दावा कर ले कि गरीबों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है.लेकिन जब तक उस योजना का लाभ जरूरतमंद को न मिले तो वो योजना किसी काम की नहीं रहती.ताजा मामला भरनो के बड़ाईक मुहल्ला निवासी वृद्ध महिला सोमारी मांझी(80)वर्ष शरीर से थक चुकी है पर हौसला बुलंद है,अपने से घर घर घूमकर बांस का सामान बनाती है बेचती है,सुप दौरा,बेना सहित अन्य बांस का समान खुद से तैयार कर बेचती है और उसी पैसा से अपना जीवन यापन करती है,इसका राशन कार्ड नहीं है,इसको वृद्धा पेंशन भी नहीं मिलता है,सरकारी योजनाओ का एक भी लाभ इस वृद्ध महिला को नहीं मिलती है.सरकार बड़े बड़े दावे करती है कि वृद्ध वृद्धाओं के लिए अनेक योजना चला कर उसका लाभ उनतक पहुँचाया जा रही है पर धरातल पर कोई लाभ दिखाई नहीं दे रहा है. इसका जीता जागता उदाहरण  वृद्ध महिला सोमारी मांझी है जिसे किसी तरह का कोई सरकारी लाभ नही मिलता है.

    रिपोर्ट- प्रेम कुमार सिंह,भरनो,गुमला


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