करोड़ों का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट फेल होने से शिवगंगा प्रदूषित , डूबकी लगाने से कतरा रहे शिवभक्त और कावरियां


देवघर (DEOGHAR) - देवघर के पवित्र शिवगंगा की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है. आम दिनों में तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां डूबकी लगाते ही हैं, लेकिन श्रावणी मेला के दौरान लाखों कावंरिया इस पवित्र सरोबर में स्नान कर बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के लिए प्रस्थान करते हैं. यह पवित्र शिवगंगा का पानी अब हरा हो गया है. वहीं इसके चारों तरफ कचड़े का अंबार लगा हुआ है. ऐसे में यहां स्नान करने वाले कावरियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पर रहा है.
जल पर्यावरण को नुक्सान
बाबा मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित इस सरोबर की दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय पुरोहित के अलावा कई लोग चिंतित है. इन लोगों की माने तो इसमें स्नान करने से कई प्रकार की बिमारियां हो सकती है. शिव गंगा का पानी दूषित हो जाने से जल पर्यावरण को नुक्सान पहुंच रहा है. ऐसे में इस तालाब की मछलियां भी मर रही है. नगर निगम को इसकी सफाई का जिम्मा है. लेकिन अभी तक उसकी उदासीनता समझ से परे है.
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की योजना
ऐसा नहीं कि प्रशासन द्वारा शिवगंगा की साफ सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई हो. इसके लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से इस पवित्र शिवगंगा को साफ रखने की योजना बनी और उस पर काम भी हुआ. लेकिन शिवगंगा की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बाबजूद इसका कोई स्थायी समाधान अब-तक नहीं निकल पाया. कोरोना काल के कारण पिछले दो वर्ष से श्रावणी मेला नहीं लगा है. लेकिन इस वर्ष मेला लगने की पूरी संभावना है. ऐसे में अगर इस साल मेले का आयोजन होता है, तो यहां श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को शिवगंगा का साफ पानी मिलेगा स्नान करने के लिए या फिर इसी तरह का दूषित पानी में डूबकी लगाकर बाबा का जलार्पण करेंगे.
रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर
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