रोजगार के लिए विदेश गए गोंविद महतो की दोहा कतर में मौत, अंतिम दर्शन को परिजन बेहाल


गिरिडीह (GIRIDIH) : रोजी रोटी कमाने विदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों की मौत होने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. ताजा मामला गिरिडीह का है. यहां के बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा निवासी गोविंद महतो की दोहा कतर में गुरुवार को मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार वे दो महीने पहले ही एलएनटी कंपनी में काम करने दोहा कतर गए थे. मौत की सूचना मिलते ही परिजन रो-रो कर बेहाल हैं. मौत के बाद परिजन बस एक बार चेहरा देखने को आतुर हैं. सरकार से शव वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं.
"परिजनों को मिले मुआवजा"
गोविंद महतो अपने पीछे पत्नी बसंती देवी और पांच बच्चे 21 वर्षीय पुत्री देवंती कुमारी,18 वर्षीय पुत्री उमा कुमारी,15 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार व 12 वर्षीय पुत्र नवनित कुमार को छोड़ गए. इसकी सूचना मिलते ही प्रवासी मजदूरों के हितार्थ में हमेशा कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अलीघर पहुंचकर संवेदना प्रकट की. कहा कि शव को लाने के लिए सरकार से जल्द पहल करने की मांग की है. वहीं कम्पनी से मृतक के परिवार वालों को उचित मुआवजा मुहैया कराने की मांग की है. सिकंदर ने कहा कि विदेशों में रोजी कमाने जाने वाले झारखण्ड के बोकारो, हजारीबाग व गिरिडीह जिले के नौजवानों की वहां फजीहत में पड़ने और मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है. इसलिए झारखंड सरकार को इस पर पहल करनी चाहिए.
रिपोर्ट : दिनेश कुमार, गिरिडीह
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