कोयलांचल में होली के रंग हज़ार, कही झलकूटन तो कही बार बालाओं का डांस


धनबाद (DHANBAD) : कोयलांचल तेरी होली के रंग हज़ार. कहीं फाग गाए जा रहे हैं तो कहीं हो रहा है झलकूटन, कहीं पर मिलन समारोह हो रहा है तो किसी जगह पर बार बालाओं का डांस भी चर्चा में है. निरसा की भाजपा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने बुधवार को अपने निवास स्थान पर दुगोला झलकूटन का आयोजन किया. इस आयोजन में काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया. दूसरी तरफ सिंह मेंशन में भाजपा नेत्री रागिनी सिंह ने भी दो दिन पहले होली मिलन समारोह आयोजित किया. इसमें भी अच्छी खासी भीड़ जुटी और सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी. इधर, धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा घूम घूम कर फ़ाग गा रहे हैं. आयोजक जहां भी उन्हें बुलाते, वहां पहुंच जा रहे हैं.
निवास में बार बालाओं का डांस !
सबसे अधिक चर्चा में है बुधवार को कुंती निवास में आयोजित होली मिलन समारोह. बुधवार को कुंती निवास में होली मिलन समारोह आयोजित हुआ. इस समारोह में बार बालाएं बुलाई गई थी. बार बालाओं का डांस हुआ और देखने वाले लोगो की संख्या यहां भी कम नहीं थी. लेकिन इस कार्यक्रम का लोग अपने-अपने ढंग से व्याख्या कर रहे हैं. कोई सूर्यदेव सिंह के जनता मजदूर संघ की तुलना अभी के जनता मजदूर संघ से कर रहा है और कह रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर होली के मौके पर अगर ऐसा कार्यक्रम होता तो बहुत बड़ी बात नहीं थी. लेकिन निवास पर इस तरह के कार्यक्रम के जनता मजदूर संघ के संस्थापक सूर्यदेव सिंह न पोषक थे और ना कभी इसे प्रोत्साहित करते थे. उनका एक अपना ढर्रा था, जिस तरह वे जिंदगी भर चलते रहे. उनकी एक आवाज़ पर 6 फुटिया लोग 7 फुट का लठ लेकर निकल पड़ते थे.
जितने मुंह, उतनी बात
कार्यक्रम में शामिल कई लोगों ने कहा कि सिंह मेन्शन में आयोजित होली समारोह से बेहतर कार्यक्रम आयोजन को लेकर 'हरा हुसि' में इस तरह का आयोजन किया गया. हालांकि सिद्धार्थ गौतम उर्फ़ मनीष सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उनका संघ कोयला मजदूरों के लिए काम करता था, करता रहेगा और जब भी जरूरत पड़ेगी, जनता मजदूर संघ मजदूरों की पीठ पर खड़ा रहेगा. हालांकि यह भी चर्चा है कि रागनी सिंह के होली मिलान समारोह में सिद्धार्थ गौतम नहीं गए थे और न ही सिद्धार्थ गौतम के कार्यक्रम में रागनी सिंह आई थी.
बहरहाल होली के बहाने ही कोयलांचल में राजनितिक गतिविधिया तेज हो गई हैं. किसके कार्यक्रर्म में कितनी भीड़ जुटी थी, उसका भी आकलन हो रहा है. जुटाने वाली भीड़ को नेताओं की लोकप्रियता से भी जोड़ा जा रहा है.
रिपोर्ट : सत्य भूषण, धनबाद
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