टुंडी में हाथी करें हलकान, इलाके के किसान परेशान


धनबाद (DHANBAD) -गिरिडीह- पीरटांड़ के रास्ते टुंडी में हाथियों का एक दल बुधवार को फिर पंहुचा. सोनाद गांव के त्रिलोचन पाण्डेय का घर तोड़कर अनाज खा गए. सुबह की लालिमा के साथ हाथियों का झुंड टुंडी पहाड़ की ओर चला गया. टुंडी में दो झुंड हाथी है. इसमें लगभग 28 हाथी हैं. साथ में कुछ बच्चे भी हैं. बता दें कि टुंडी के किसानों के सामने भोजन की भी आफत है. वजह है, जितनी मेहनत और पूंजी निवेश कर वह खेती करते हैं, हाथी सारे फसलों को नष्ट कर देते हैं.
लम्बे समय से परेशानी झेल रहे हैं ग्रामीण
यह सिलसिला कोई आज से नहीं चल रहा है बल्कि लंबे समय से टुंडी के ग्रामीण हाथियों का आतंक झेल रहे हैं. सरकार की कॉरिडोर की योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है. जंगल कटने और रास्ता भटकने की वजह से हाथी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं. केवल फसलों का नुकसान नहीं कर रहे हैं, बल्कि पटक -पटक कर लोगों की जान भी ले रहे हैं. टुंडी के लोग हाथियों का आतंक कुछ ज्यादा ही झेल रहे हैं.
पहाड़ी पर डेरा डाले हाथी जब तब नीचे चले आते हैं
पहाड़ी पर डेरा डाले हाथी पानी की तलाश में नीचे आते हैं और उसके बाद तबाही मचाते हैं. धान के मौसम में जब चावल तैयार करने के लिए उबाला जाता है तो उसकी सोंधी खुशबू से भी हाथी खींचे चले आते हैं. टुंडी के भाजपा नेता गोपाल पांडेय का कहना है यह सब वन विभाग की लापरवाही की वजह से हो रहा है. वन विभाग को हाथी भगाने के लिए संसाधन मिल रहा है लेकिन विभाग पता नहीं क्यों ,संसाधनों का सही उपयोग नहीं करता.
रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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