झारखंड में कृषि उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था संतोषजनक नहीं- नाबार्ड चेयरमैन

    झारखंड में कृषि उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था संतोषजनक नहीं- नाबार्ड चेयरमैन

    रांची(RANCHI): झारखंड के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंत में रांची के बरियातू स्थित कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नाबार्ड के अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में विकास की संभावनाएं अधिक है. बस सरकार और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों को काम करने की जरूरत है.

    महिला स्वयंसेवी संगठनों को बढ़ाने की है जरूरत

    नाबार्ड अध्यक्ष ने यह भी कहा कि झारखंड में सहकारी बैंक नहीं के बराबर काम कर रहे हैं. जबकि आंध्र प्रदेश और कई अन्य प्रदेशों में इन बैंकों की सहभागिता अधिक है. नाबार्ड ऐसे बैंकों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराता है ताकि किसान और कृषि संगठनों को वित्तीय सहायता मिल सके. महिला स्वयंसेवी संगठन की भी संख्या झारखंड में कम है. इन्हें भी बढ़ाने की जरुरत है.

    झारखंड में कृषि उत्पाद की सही तरीके से मार्केटिंग की है जरूरत

    नाबार्ड के अध्यक्ष ने आगे कहा कि होने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बात की है और कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और अधिक काम करने की जरुरत बताई है. नाबार्ड कृषि क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है. नाबार्ड के चेयरमैन आर चिंतला ने कहा है कि झारखंड में कृषि क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विस्तार हो रहा है. यह एक अच्छी बात है. झारखंड में कृषि उत्पाद की सही तरीके से मार्केटिंग नहीं हो पा रही है.यह चिंता की बात है.

     


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