यूक्रेन में फंसे पलामू के आयुष की हुई वतन वापसी, परिवार में खुशी का माहौल


पलामू (PALAMU) - रुस और यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध का खामियाजा भारतीय छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. मेदिनीनगर के हमीदगंज निवासी आयुष कुमार भी यूक्रेन में रह कर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे. जो बुधवार को यूक्रेन में दहशत भरे माहौल से घर वापस पहुंचे हैं. आयुष 26 फरवरी से यात्रा में हैं और चार दिनों के सफर के बाद अंततः घर पहुंचे हैं. भारत वापस लौटने से पहले उन्होंने 36 घंटे तक बिना छत के बर्फ़बारी में गुजारा. आयुष के वतन वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है. बेटे के वतन वापसी को लेकर माता-पिता भारत सरकार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं.
बिना छत बर्फ़बारी में गुजारा 36 घंटे
आयुष कुमार के माता-पिता का कहना है कि आयुष की वतन वापसी में भारत सरकार की अहम भूमिका रही है. वहीं आयुष ने कहा कि वॉर शुरू होने के बाद यूक्रेन सरकार और उनके कॉलेज प्रशासन ने उनकी काफ़ी मदद की. बता दें कि आयुष इवानो फ्रांकविष्क स्थित इवानो फ्रांकविष्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे. उनका कहना है कि हम सभी भारतीय छात्रों ने अपनी बस में भारतीय तिरंगा झंडा लगाया था, इसलिए रास्ते में बॉर्डर पर किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. काफ़ी मशक्कत के बाद भारत लौटे.
रिपोर्ट : अमन प्रताप सिंह, पलामू
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