दृष्टिहीन त्रिलोकी अब देखेगा दुनिया की खूबसूरती


झुमरी तिलैया (JHUMRI TILAIYA) : एक दृष्टिहीन के लिए वह पल कितना खुशनुमा होगा, जब उसे पहली बार इस दुनिया को देखने का मौका मिला. झुमरीतलैया के एक गरीब परिवार में जन्मे स्वर्गवासी टूकलाल तूरी के बेटे 27 वर्ष के त्रिलोकी ने हाल ही कुछ ऐसा ही अनुभव किया. त्रिलोकी के इस खूबसूरत अनुभव का पूरा श्रेय शहर के एक युवा अमित कुमार को जाता है, जिसने दृष्टिहीन युवा की आंखों में रोशनी लाने के लिए हर संभव कोशिश की.
दृष्टिहीन से नूर बनने तक का सफर
त्रिलोकी बचपन से ही दृष्टिहीन थे. इस कारण वे अपनी आंखों में संजोए कई सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे थे. त्रिलोकी के जीवन में अमित कुमार देवदूत बन कर आए. 3 वर्ष पहले जब अमित की मुलाकात त्रिलोकी से हुई तब उन्होंने संकल्प लिया कि वे त्रिलोकी की जीवन के अंधकार को दूर करेंगे. इस नेक कार्य को पूरा करने में सहायक बने इनरव्हील क्लब रांची की पूर्व अध्यक्ष नंदिता गुप्ता, डॉक्टर विभूति कश्यप, ऑस्ट्रेलिया निवासी साइंटिस्ट पारोमिता ,कुमार पुजारा ,अर्पिता इप्शिता प्रो अशोक अभिषेक, शशि शेट्टी, इनरव्हील कोडरमा दीपाली भदानी रंजीता सेट समेत कई व्यक्ति एवं सामाजिक संस्थाएं. अमित कुमार सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. 13 फरवरी को रांची के आई कश्यप मेमोरियल अस्पताल में डॉक्टर विभूति के नेतृत्व में त्रिलोकी का ऑपरेशन किया गया और उनकी आंखों में रौशनी आई. त्रिलोकी की सगी बहन गुड़िया भी दोनों आंखों से दृष्टिहीन हैं. अब अमित कुमार ने उनकी आंखों की रोशनी भी लौटाने के लिए संकल्पित हैं.
रिपोर्ट : अमित कुमार, झुमरी तिलैया
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