धनबाद(DHANBAD): धनबाद के जनता मार्केट के दुकानदारों को फिलहाल राहत मिल गई है. अब दुकानदारों को आवास बोर्ड के नियम एवं शर्तो पर दुकाने मिलेंगी. इसके लिए 21 फरवरी से रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो सकता है. जनता मार्केट पर मालिकाना हक हाउसिंग बोर्ड का है, हाईकोर्ट के आदेश पर इस मार्केट को खाली कराया जा रहा था. दुकान खाली होने से परेशान दुकानदारों ने प्रस्ताव दिया था कि जिस तरह वह पहले दुकानों का किराया दे रहे थे, उसी तरह हाउसिंग बोर्ड को भी देने के लिए तैयार हैं. इसी आधार पर आवास बोर्ड के नियम एवं शर्तों पर दुकानें देने का निर्णय लिया गया है.
दुकानदारों को राहत लेकिन खटाल वालों पर खतरा
आप को बता दें कि दुकानदारों को भाड़े पर देने के लिए नगर आयुक्त, एसडीओ व आवास बोर्ड के प्रभारी कार्यपालक अभियंता की एक कमेटी बनाई गई है. कमेटी के सदस्यों ने आपस में बैठक कर निर्णय लिया है कि जल्द ही दुकानदारों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाए. इधर हाउसिंग बोर्ड उस जगह पर जब तक मार्केट कॉम्प्लेक्स नहीं बनवा लेता है, तब तक यह व्यवस्था लागू रहेगी. इधर, दुकानदारों को तो राहत मिल गई है लेकिन अब जनता मार्केट के पीछे लगभग दो दर्जन खटाल वालों को चिन्हित किया गया है. मार्केट कॉम्प्लेक्स का काम शुरू होते ही उनको भी खाली कराया जा सकता है. यानी, जहां दुकानदारों को राहत मिली, वहीं खटाल वालों के ऊपर जगह खाली करने की तलवार लटकने लगी है.
श्रेय लेने के लिए धनबाद में मची है होड़
दुकानदारों के पक्ष में जो व्यवस्था बनी है, इसका श्रेय लेने के लिए धनबाद में होड़ मची हुई है. सभी अपने-अपने ढंग से दावे कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन लोगों के कारण ही दुकानें बची है. विदित हो कि अभी हाल ही में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं धनबाद के प्रभारी बन्ना गुप्ता धनबाद आए थे. दुकानदारों की पीड़ा जब उन्हें बताई गई तो वे सक्रिय हुए और धनबाद से ही हाउसिंग बोर्ड के एमडी अमित कुमार सहित अन्य अधिकारियों से बात की. दुकानदारों की भावना और प्रस्ताव को बताया गया. उसके बाद धनबाद में ही मंत्री ने एलान किया था कि 14 दिनों तक तो कोई पीड़क कार्रवाई नहीं होगी, उसके बाद भी उनकी कोशिश होगी कि दुकानदारों को हटाया नहीं जाए, उनसे हाउसिंग बोर्ड भाड़ा ले, इधर झामुमो के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के नेता अमितेश सहाय ने न्यूज़ पोस्ट को बताया कि उन्होंने इस मामले में आवास बोर्ड के एमडी से बात कर मामले का हल निकालने का आग्रह किया और इसका परिणाम मिलता दिख रहा है. उन्होंने क्रेडिट राजनीति से झामुमों को अलग बताते हुए कहा कि इन दिनों कांग्रेस के बंद कार्यालय को खुलवाने के लिए भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष उनसे संपर्क कर रहें हैं.
‘हेमंत है तो हिम्मत है’ के लगे बैनर
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह इसका सारा श्रेय मंत्री बन्ना गुप्ता को दे रहें हैं. जबकि, बैंक मोड़ चैंबर के नेता प्रभात सुरोलिया, मंत्री बन्ना गुप्ता से ख़ुद की बातचीत की ऑडियो क्लिप जारी कर, इस आंदोलन में अपनी भूमिका को ज़ाहिर कर रहें हैं. इधर, जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स बैठे-बैठे अपना श्रेय लेने की तैयारी कर रहा है. जबकि, जनता मार्केट के दुकानदारों ने बैनर टांग कर इसका श्रेय हेमंत सोरेन सरकार को दिया है और बैनर पर सीएम हेमंत सोरेन, मंत्री बन्ना गुप्ता और अमितेश सहाय की तस्वीर लगाकर अपना आभार जताते हुए लिखा हैकि "हेमन्त है तो हिम्मत है" वहीं हाउसिंग आवास बोर्ड के प्रभारी कार्यपालक अभियंता अनूप सामंता ने बताया कि इस मामले में एमडी व सचिव का दिशा निर्देश प्राप्त करने के लिए सोमवार को रांची जाएंगे. वहीं दुकानदारों की ओर से हाईकोर्ट में जो पीआईएल दाख़िल की गई है उसकी सुनवाई मंगलवार को होगी. वहीं कागजी कार्रवाई के इंतजार में दुकानदार हैं और विधिवत रूप से किराये निर्धारण के साथ आवंटन चाहते हैं. एक हद तक संशय के बीच उम्मीद के अनुरूप राहत मिलती दिख रहीं है. वैसे इस राहत को लेकर पार्टी से लेकर दुकानदार नेताओं में क्रेडिट वॉर भी चल रहीं है. लेकिन, एक सच ये भी है कि फिलहाल जनता मार्केट के दुकानदारों को तो राहत मिल गई है लेकिन पीछे खटाल वालों पर विस्थापित होने का खतरा मंडरा रहा है.
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड (धनबाद)
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