किसी कीमत पर बाबूलाल मरांडी को नहीं बनने देंगें विपक्ष का नेता- इरफान अंसारी

    किसी कीमत पर बाबूलाल मरांडी को नहीं बनने देंगें विपक्ष का नेता- इरफान अंसारी

    दुमका (DUMKA) - अपने विवादास्पद बयान के लिए जाने जानेवाले जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने बुधवार को भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी पर जमकर निशाना साधा. डॉ इरफान ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को किसी भी कीमत पर नेता प्रतिपक्ष नहीं बनने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस उम्र में अगर उनके मन में लालच आ गया है तो पहले विधायकी से इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव जीत कर आएं. अगर उन्हें अपना भविष्य तैयार करना है तो भाजपा से अपने आप को दूर कर लें.

    गुरुजी नहीं होते तो बाबूलाल मरांडी नेता नहीं होते

    उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी सुलझे हुए नेता हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं. लेकिन अगर बाबूलाल के मुंह से शिबू सोरेन के परिवार के प्रति इस तरह की बातें निकलती है तो यह अच्छी बात नहीं है. झारखंड की जनता ने उन्हें भाजपा का विधायक नहीं बनाया बल्कि सेक्यूलर वोट लेकर विधायक बने. भाजपा में जाने के बाद उनकी भाषा बिल्कुल बदल गई है. पहले वो समाज को जोड़ने की बात करते थे, अब तोड़ने की बात करते हैं. यही है बाबूलाल मरांडी का असली चेहरा. उन्होंने कहा कि अगर गुरुजी नहीं होते तो बाबूलाल मरांडी नेता नहीं होते. शिबू सोरेन परिवार को दुमका में आकर ललकारना अच्छी बात नहीं है. उन्होंने बाबूलाल मरांडी को नसीहत दी कि वे राजनीति से संयास ले लें  क्योंकि भाजपा ने उन्हें टिशू पेपर की तरह इस्तेमाल किया है..

    अंसारी आज कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए

     डॉक्टर इरफान अंसारी आज दुमका पहुंचे. दुमका के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में स्वस्थ शरीर उपस्थित हुए. दरअसल आदर्श चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने समन जारी किया था. न्यायपालिका का सम्मान करते हुए इरफान अंसारी आज कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए और कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दिया. वे पुलिस जमानत पर पहले से ही थे. मामला वर्ष 2019 के चुनाव का है और सरकारी भवन पर झंडा लगाने का आरोप है. इस मामले में जामताड़ा थाना में कांड संख्या 172/19 दर्ज किया गया था.

    भाषाई विवाद पर बैकफुट पर नजर आए  विधायक

    झारखंड में छिड़े भाषाई विवाद पर कांग्रेस विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी बैकफुट पर नजर आए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को खुद सीएम देख रहे हैं कि झारखंड को कैसे आगे ले जाना है. बेवजह भाजपा के लोग इसे तूल दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी भी 1932 की बात किया करते थे, लेकिन आज उनसे पूछिए कि उनका जवाब क्या है. डॉ इरफान ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है इसमें जो हाथ देगा वह जल जाएगा. विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड आदिवासी और मूलवासी के लिए बना है. भाषा विभाग पर उन्होंने कहा कि एक रिटायर्ड चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में कमेटी की मांग वह करते हैं और उन्हें जो अच्छा लगेगा वह निर्णय लेंगे. डॉक्टर इरफान ने कहा कि अगर कोई आपस में लड़ाने की बात करेगा तो कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.

    रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

     

     

     


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