अमृत महोत्सव कार्यक्रम में कर्तव्य बोध पर परिचर्चा का किया गया आयोजन


धनबाद(DHANBAD) - भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के आह्वान पर स्वाधीनता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत आज सिंदरी महाविद्यालय में कर्तव्य बोध पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नकुल प्रसाद ने जहां सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं छात्र -छात्राओं से अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने की अपील की ,वहीं विषय प्रवेश कराते हुए राजनीति शास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों की व्याख्या की.
राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर अपने कार्यों का निष्पादन करे
साथ ही कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक सामाजिक, दायित्व है कि वह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर अपने कार्यों का निष्पादन करे.
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ विशु मेघनानी,इतिहास के प्राध्यापक डॉ अनुप कुमार मेहता ,बंगला विभागाध्यक्ष डॉ शर्मिष्ठा आचार्य, हिंदी के इंटरमीडिएट शाखा के शिक्षक सौमित्र गौतम आदि ने बताया कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने नैतिक और सामाजिक दायित्वों का हृदय से निर्वहन करे. शिक्षकों ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने हृदय से उठने वाली आवाज को सुनना चाहिए और सही गलत की सही विवेचना करते हुए अपने कर्तव्य के पालन के प्रति सजग रहना चाहिए.परिचर्चा में श्रेया कुमारी, जय देव गोराई, गोविंद बाउरी, श्रुति कुमारी ,आकाश महतो प्रशांत गोराई हर्षराज, प्रेम प्रदीप कुमार, पूजा कुमारी, सिमरन गुरनाम, सत्यम कुमार, रोशन कुमार पांडे, रोशनी जाका, रूबी कुमारी आदि छात्र छात्राओं ने भी भाग लिया. परिचर्चा का संचालन दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार तिवारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अमृत महोत्सव कार्यक्रम के संयोजक अनिल आशुतोष ने किया.
रिपोर्ट :सत्य भूषण ,धनबाद
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