बंगाल से भटकर  लोहरदगा पहुंची महिला को "सखी" ने संभाला, परिवार से दो साल बाद मिल सकी ज्योत्सना

    बंगाल से भटकर  लोहरदगा पहुंची महिला को "सखी" ने संभाला, परिवार से दो साल बाद मिल सकी ज्योत्सना

    लोहरदगा (LOHARDAGA) लोहरदगा में महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित सखी वन स्टाप सेंटर योजना महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है. थाना परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में 7 दिन पूर्व सेन्हा थाना द्वारा लाई गई ज्योत्सना पाल को सखी वन स्टॉप सेंटर में रखा गया. यहां ज्योत्सना पाल से सेंटर की दीदी ने काउंसिलिंग की और ज्योत्स्ना के बारे में जानकारी हासिल की.

    पीड़ित महिलाओं को मदद पहुंचाने का उद्देश्य

    भटकी महिला से काउंसिलिंग के दौरान मिली जानकारी के बाद दो वर्ष पहले बांकुड़ा के ओंदा थाना क्षेत्र से भटकी हुई महिला को आज उसका परिवार मिल गया. सेंटर के आईटी इंजीनियर ने टेलीफोन से सम्पर्क स्थापित कर घर परिवार से बिछड़ी मां को उसके बेटे से मिला दिया है. बता दें कि वन स्टॉप सेंटर एक ऐसी व्यवस्था से है, जहां हिंसा प्रभावित किसी भी महिला को सभी तरह की मदद एक ही छत के नीचे दी जाती है. यहां महिलाओं को घर जैसा माहौल दिया जाता है, ताकि वह अपनी समस्याओं को अच्छे से बता सके और जिससे उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके. भारत सरकार ने वन स्टॉप सेंटर योजना, 1 अप्रैल 2015 में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मदद पहुंचाने के लिए लागू की थी.  जिसे मुख्यत: सखी के नाम से जाना जाता है. देश के कई राज्यों में इस योजना से महिलाओं को लाभ पहुंचा है.

    रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news