भाषा विवाद : संगठनों का एलान, नियुक्तियों में नहीं लगने देंगे बाहरी भाषाओं की सेंध

    भाषा विवाद : संगठनों का एलान, नियुक्तियों में नहीं लगने देंगे बाहरी भाषाओं की सेंध

    रांची (RANCHI) : झारखंड में भाषा विवाद की लपटें अब राजधानी रांची पहुंच गई हैं. विभिन्न संगठनों ने बैठक कर आगामी विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनायी है. शनिवार को रांची के केन्द्रीय पुस्तकालय  में सभी संगठन के सदस्यों की  बैठक हुई. आदिवासी छात्र संगठन के साथ कई छात्र संगठन आगे आए. सभी ने झारखंड के विभिन्न जिलों में मगही,भोजपुरी और अंगिका भाषा का विरोध के अलावा स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज करने की योजना बनाई.

    28 फरवरी को हजारीबाग से रांची तक मानव श्रृंखला

    बैठक के बाद प्रेस वार्ता कर आदिवासी छात्र संगठन के अध्यक्ष सुशील उरांव ने बताया कि तीनों भाषा के अलावा स्थानीयनीति और दो लाख बैकलॉक नियुक्तियों को भरने की मांग छात्र संगठन करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया आदिवासियों के प्रति ठीक नहीं लग रहा है. उन्होंने कहा कि बाहरी भाषाओं को किसी हाल में शामिल नहीं करने देंगे. छात्र नेता शफ़ी इमाम ने बताया कि बहुत जल्द रांची में बड़े छात्र सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.  उन्होंने बताया कि  आगामी 28 फरवरी को हजारीबाग से रांची तक मानव श्रृंखला, 10 फरवरी को रामगढ़ में मशाल जुलूस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा 13 मार्च को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया है. वहीं विभिन्न प्रखंडों में कार्यक्रम का आयोज किया जाएगा.                  

    रिपोर्ट : समीर हुसैन /प्रकाश तिवारी, रांची 


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