जल, जंगल, जमीन के लिए धरना पर बैठे आदिवासी, कहा- हमारी जमीन लौटाओ


सरायकेला (SARAIKELA)- आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा समिति के बैनर तले आदिवासी लोगों ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. आदिवासी भूमि के अधिग्रहण और अतिक्रमण को रोकने तथा गलत तरीके से ली गई आदिवासियों की जमीन को वापस करने जैसे कई मांग की गई हैं.
पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं उठाया गया कारगर कदम
अपने हक की आवाज बुलंद करते हुए समिति से जुड़े आदिवासी सदस्यों ने सबसे पहले विरोध मार्च निकाला. फिर समाहरणालय परिसर स्थित परिसर में एक दिवसीय धरना देकर हक की रक्षा हेतु राष्ट्रपति तथा राज्यपाल से गुहार लगाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. अपने संबोधन में आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा समिति के मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी ने कहा कि यह खुटकट्टी क्षेत्र है और यहां सीएनटी एसपीटी एक्ट लागू है. बावजूद इसके यहां बिना ग्राम सभा के उद्योग के लिए आदिवासियों की जमीन ली जा रही है. साथ ही साथ बाहरी लोग आदिवासियों की जमीन तथा वन भूमि को जबरन अतिक्रमण कर रहे हैं. सरायकेला जिले के गम्हरिया के बोलायडीह, जगन्नाथपुर, बलरामपुर में धड़ल्ले से आदिवासियों तथा वन भूमि को जबरन अतिक्रमण किया जा रहा है. इस दिशा में पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है. जिससे झारखंड के आदिवासी मूलवासी बुरी तरह प्रभावित और विस्थापित हो रहे हैं. साथ ही वे रोजगार हेतु पलायन भी कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को इस दिशा में कदम उठाते हुए आदिवासियों के जमीन के अधिग्रहण और अतिक्रमण को रोकना चाहिए. वही अब तक जो गलत तरीके से आदिवासियों की जमीन ली गई है उसे लौटाया जाना भी चाहिए. उन्होंने चेताया है कि अगर इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठाया जाता है तो समिति द्वारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा.
रिपोर्ट:विकास कुमार , सरायकेला
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