मनीष अग्रवाल लापता कांड : ढाई महीने बाद अपहरणकर्ताओं ने मांगी 5 लाख की फिरौती ! दो धराए

    मनीष अग्रवाल लापता कांड : ढाई महीने बाद अपहरणकर्ताओं ने मांगी 5 लाख की फिरौती ! दो धराए

    सरायकेला (SARAIKELA) जिला के कांड्रा थाना के कांड्रा बाजार निवासी व्यवसायी पुत्र 29 वर्षीय मनीष अग्रवाल के 23 सितंबर से रहस्यमय ढंग से लापता होने के बहुचर्चित मामले में ढाई महीने बाद नया मोड़ आया है. मनीष अग्रवाल के पिता कपड़ा व्यवसायी देवव्रत अग्रवाल उर्फ देबू अग्रवाल से पांच लाख रुपए फिरौती की रकम मांगने का मामला सामने आ रहा है.

    यह है मामला

    अपहृत मनीष अग्रवाल के पिता को 8 दिन पूर्व अपहरणकर्ताओं द्वारा फोन किया गया और उनके पुत्र को लौटाने के एवज में पांच लाख रुपए मांगे गए. इसके बाद उनके पिता घबरा गए और सीधे कांड्रा थाना की शरण में गए और शिकायत की. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कांड्रा थाना पुलिस ने त्वरित गति से तकनीकी और अन्य तरीके से अनुसंधान शुरू किया. जिस फोन नंबर से फोन आया था उसकी ट्रैकिंग करते-करते पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. हालांकि पुलिस के गिरफ्त से अभी सरगना बाहर है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी करने में जुटी है. कांड्रा पुलिस ने इस मामले में फिरौती मांगने वाले तथाकथित दो अपहरणकर्ता जमशेदपुर के टेल्को निवासी अमर कुमार सिंह और जोजोबेड़ा के संतोष कामत को गिरफ्तार किया है. पुलिस अभी इस मामले पर कोई भी विधिवत जानकारी नहीं दे रही है. वह अभी इस मामले में शामिल तीसरे शख्स और मुख्य सरगना को गिरफ्तारी को लेकर प्रयास में जुटी है. लेकिन अब तक की जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि यह अपहरण की बात पूरी तरह से सही नहीं है और गिरफ्तार लोगों ने व्यवसायी पुत्र के लापता होने से व्याकुल परिवार की भावना से फायदा उठाते हुए फिरौती की रकम एठने के चक्कर में थे. इसीलिए उन्होंने ऐसी साजिश रची. हालांकि इस पूरे मसले के सच्चाई से पुलिस ही पर्दा उठा सकती है. इस मामले के मुख्य सरगना के गिरफ्तारी के बाद जल्द पुलिस इस मामले का विधिवत खुलासा करेगी.

    जल्दी खुलासा करने की मांग

    बता दें कि बीते 23 सितम्बर से कांड्रा के व्यवसायी देबू अग्रवाल का 29 वर्षीय पुत्र मनीष अग्रवाल रहस्यमयी ढंग से लापता हुआ था. वह दांत चिकित्सक के यहां जाने की बात कह कर आदित्यपुर के लिए घर से निकला था. शाम तक घर वापस नहीं आने पर घर वालों ने मोबाइल पर सम्पर्क करना चाहा तो मोबाइल स्वीच ऑफ था. अपने जान पहचान वालों और उसके दोस्तों के यहां खोज बीन करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला. तब तक हारकर इसकी शिकायत परिवार वालों ने कांड्रा थाने में की और वरीय पुलिस अधिकारियों से भी निरन्तर लापता मनीष की खोज के लिए गुहार लगाते रहे. इसको लेकर कांड्रा के लोगों ने आंदोलन करते हुए थाने का गेट भी जाम किया था. साथ ही चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने भी इस मामले का जल्दी खुलासा करने की मांग रखी थी. इसके बावजूद अभी तक मनीष का पता लगाने में पुलिस असफल रही है.

    रिपोर्ट : विकास कुमार, सरायकेला


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