सरकार के अड़ियल रवैये के बाद एसोसिएशन ने दिया अल्टीमेटम, 21 को बंद रहेंगे पट्रोल पंप

    सरकार के अड़ियल रवैये के बाद एसोसिएशन ने दिया अल्टीमेटम, 21 को बंद रहेंगे पट्रोल पंप

    रांची(RANCHI) : पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के बीच कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर से पांच रुपए और डीजल पर से 10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी कम की थी. केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद से बाकी राज्यों ने भी पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को कम कर दिया था. मगर, हेमंत सोरेन की सरकार ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है. जिसकी वजह से पड़ोसी राज्यों मे डीजल के दामों मे गिरावट हुई है. वहीं झारखंड मे डीजल के दाम पड़ोसी राज्यों मे ज्यादा हो चुका है, नतीजतन पड़ोसी राज्यों के पंप से खरीदारी बढ़ी, वहीं झारखंड मे खरीद में भारी कमी हुई है, घटते बिक्री से राज्य के पेट्रोल पंप संचालकों में काफी नाराजगी है.

    इससे नाराज झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने रांची में एक प्रेस वार्ता की. इस दौरान एसोसिएशन की ओर से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को कम करें. साथ ही एसोसिएशन ने राज्य सरकार से पेट्रोल और डीजल के बकाए भुगतान की भी मांग की है. अगर 10 दिनों के अंदर इन मांगों को नहीं माना गया तो एसोसिएशन आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगा. इसके साथ ही सरकार के अड़ियल रुख को देखते हुए 21 दिसंबर को राज्य भर के पेट्रोलपंप पूरी तरह से पेट्रोल और डीजल की खरीद-बिक्री बंद रखने का ऐलान किया है.

    सरकार को हो रहा है 600 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

    इन सभी मुद्दों के बारे में झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि हमने सरकार को पूरा आंकड़ा दिया कि सरकार अगर वैट कम करें तो सरकार को 600 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा होगा. उन्होंने आगे बताया कि पिछले साल कोरोना के बावजूद भी पेट्रोल और डीजल की बिक्री ज्यादा थी. लेकिन, इस साल स्थिति सामान्य होने के बावजूद भी बिक्री में गिरावट आयी है. इसका एक ही कारण है और वह है पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने के कारण लोग और बड़े-बड़े वाहन उन राज्यों से पेट्रोल और डीजल भरा कर राज्य की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं. अशोक सिंह ने कहा कि सरकार की नीति का ही नतीजा है कि पेट्रोलियम की बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है. उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने राज्यसरकार के पास अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार दस दिनों के भीतर एक उच्च स्तरीय कमिटी बनाकर हमारे दिए गए तथ्यों और आंकड़ों की जांच कर लें, और अगर कमिटी इन तथ्यों को सही मानती है तो सरकार तुरंत वैट हटाए और तथ्य गलत निकलते हैं तो जनता को बताए की तथ्य में क्या और कैसे गलत है.

    21 दिसंबर को राज्यभार में बंद रहेगी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति

    झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह ने सरकार को चेतावी दी है कि अगर सरकार इन मांगों पर विचार नहीं करती है तो 21 दिसंबर को पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल की खरीद और बिक्री बंद रहेगी. पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारी द्वारा लिए जा रहे पेट्रोल और डीजल का महीनों- महीनों भुगतान नहीं होता हैं. इस बारे में भी सरकार को कहा गया कि 15 दिनों के अंदर सभी बकाया का भुगतान किया जाए. पेट्रोलपंप मालिकों और एसोसिएशन की लगातार मांग के बाद भी सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर से वैट कम नहीं करना गहरे संशय में डालता है. आखिर क्या वजह है कि नुकसान होने के बावजूद भी सरकार वैट कम नहीं कर रही हैं. बहरहाल, अगर सरकार एसोसिएशन की मांगों को मान लेती है तो इसका लाभ सरकार के साथ-साथ पूरे राज्य की जनता को होगी.         


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