न्यू बॉम्बे मिठाई दुकान से सैंपल लिया गया 2015 में और जुर्माना हुआ 6 साल बाद एक लाख रुपए...


धनबाद (DHANBAD) : अपराध 2015 में और जुर्माने की वसूली 2021 में, जी हां! आप ठीक ही सुन रहे हैं. ऐसा ही हुआ है धनबाद में. जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग ने बैंक मोड़ मटकुरिया कतरास रोड स्थित न्यू बॉम्बे स्वीटस से एक लाख जुर्माना वसूला है. यह जुर्माना 2015 में लिए गए सैंपल की जांच में पनीर और पेड़ा खाने योग्य नहीं पाए जाने पर लिया गया है. अधिकृत जानकारी के अनुसार 2015 में 3 जुलाई को जांच के दौरान न्यू बॉम्बे स्वीटस से पेड़ा और 6 जुलाई 2015 को पनीर का सैंपल लिया गया था. इसे नामकुम स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया. जांच में दोनों सैंपल खाने योग्य नहीं पाए गए थे. उसके बाद दुकान से जुर्माना लगाकर पैसे की वसूली की गई है.
तो क्या 6 साल तक लोग खाते रहे विषाक्त मिठाई
अब यहां सवाल उठता है कि सैंपल लिया गया छह साल पहले और कार्रवाई हुई छह साल बाद. इस दौरान उस दुकान की क्वालिटी की क्या फिर जांच हुई, अगर नहीं हुई तो क्या छह साल में उस दुकान में बेचे गए पेड़ा और पनीर सही थे. जिस पेड़ा और पनीर को जांच में सही नहीं बताया गया, क्या उस समय उन्हें जब्त कर लिया गया था. क्या दुकानदार ने उस पेड़ा और पनीर की बिक्री नहीं की और अगर बिक्री की तो कई लोग खरीद कर भी ले गए होंगे, फिर उनको जो खाने से नुकसान हुआ, इसका क्या होगा. ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनका जवाब जांच एजेंसियों को देना चाहिए. कोयलांचल में खाद्य अपमिश्रण की जांच की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, विषाक्त मिठाइयां, रंगी हुई सब्जियां, खाद्य पदार्थों में अपमिश्रण आम बात है. मेडिकल साइंस की बात करें तो अपमिश्रित सामान खाने से लोगों की किडनी, दिल, लिवर, खराब हो रही है, वैसे कोयलांचल में किडनी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब ऐसे में विभाग ने जुर्माना लेकर अपने काम की इतिश्री तो कर लिया लेकिन उनका क्या होगा जो इन मिलावटखोर और मुनाफाखोर दुकानदारों की वज़ह से बीमार पड़े होंगे. उनको न्याय कब मिलेगा. क्या ऐसे लोगों को फांसी या उम्रकैद की सजा नहीं होनी चाहिए. जो लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ कर रहें हैं.
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड (धनबाद)
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