TATA STEEL: एक लाइन के भाषण कि वजह से हुई थी सबसे बड़ी स्टील कंपनी की शुरुआत, पढ़ें रोचक किस्सा

    TATA STEEL: एक लाइन के भाषण कि वजह से हुई थी सबसे बड़ी स्टील कंपनी की शुरुआत, पढ़ें रोचक किस्सा

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): टाटा स्टील विश्व का ऐसा औद्योगिक घराना है जो खाने में इस्तेमाल किया जानेवाले नमक से लेकर बड़ी बड़ी गाड़ियों का निर्माण करता है. आपके सुबह की चाय की चुस्की भी टाटा के साथ ही शुरु होती है. घर बनाने में इस्तेमाल किये जाने वाला सरिया हो, फ्लाइट या फिर लग्जरी कार टाटा स्टील हर चीज का निर्माण करता है और पिछले 117 साल से अपनी उन्नति की बुलंदियों को छू रहा है और आगे बढ़ रहा है.

    टाटा स्टील भरोसे का ऐसा नाम है जो स्टील से भी ज्यादा मजबूत है

    टाटा स्टील भरोसे का ऐसा नाम है जो स्टील से भी ज्यादा मजबूत है, लेकिन आपको एक बात जानकर हैरानी होगी कि विश्व की नंबर वन स्टील कंपनी की शुरुआत एक भाषण को सुनकर हुई थी. टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी टाटा एक भाषण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होने लौहनगरी जमशेदपुर में टाटा स्टील की नींव 1907 में रख दी.आज हम आपको टाटा स्टील से जुड़े एक ऐसी अनकहे किस्से के बारे में बताएंगे, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे.

    इस भाषण ने जमशेदजी टाटा का छू लिया था दिल

    ऐसा माना जाता है कि आप किसी से भी प्रेरणा ले सकते हैं अगर आपके अंदर कोई घमंड या फिर अहंकार हो तो आप किसी से कुछ नहीं सीख सकते, लेकिन जो छोटे सी छोटी बातों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ते हैं वहीं महान होते हैं. जमशेद जी टाटा ने भी कुछ ऐसा ही किया और छोटे से भाषा को सुनकर विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी की स्थापना कर दी. दरअसल यह बात है जानकर आप चौंक जायेंगे कि इतनी बड़ी कंपनी की स्थापना जमशेदजी टाटा ने एक भाषण को सुनने के बाद किया.आखिर इस भाषण में ऐसा क्या था जिसने जमशेदजी टाटा के दिल को छू गया, आज हम आपको बतानेवाले है.

     इस भाषण से  प्रभावित होकर जमशेदजी टाटा ने रखी थी विश्व की स्टील कंपनी की नींव

    दरअरसल जमशेदजी टाटा अपने कपडा मील की कोई मशीनरी जांच के लिए मैनचेस्टर गए हुए थे, इसी दौरान उन्हें थॉमस कर्राइन के लेक्चर सुनने का मौका मिला.भाषण में थॉमस कर्राइन ने कहा कि जो देश इस्पात यानि लोहे पर अपना नियंत्रण हासिल कर लेता है, वह जल्दी ही गोल्ड यानी सोने पर भी अपना नियंत्रण पा लेता है. इस बात ने जमशेदजी टाटा को सोचने पर इतना मजबूर कर दिया कि उन्होने देश की पहली स्टील कंपनी की नींव रखी. वहीं इसको ऊंचाई तक पहुंचने का काम रतन टाटा ने किया.

    टाटा स्टील का संचालन 26 देशों में होता है

    आपको बताये कि जमशेदपुर के साकची यानि पुराने नाम कालीमाटी में 1907 में एशिया की पहली निजी स्टील कंपनी के रूप में टाटा स्टील की स्थापना की गई.आज यह दुनिया के सबसे बड़े रूप से विविध स्टील उत्पादकों में से एक है.जिसका संचालन 26 देशों में होता है.पूरे विश्व में अपना व्यापार कर रही है,जिसमे 80 हजार से भी ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे है.टाटा स्टील ऐसी कंपनी है, जो स्टील उत्पादन के लेकर उससे बननेवाले सामान का भी उत्पादन करती है.भले ही टाटा स्टील दुनिया की कई देशों में व्यापार करती है, लेकिन कभी अपनी नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करती है.टाटा स्टील को कई उपलब्धी मिल चुकी है.साल 2000 में इसे दुनिया में सबसे कम लागत में इस्पात बनाने वाली कंपनी का खिताब मिल चुका है.



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