टीएनपी डेस्क(TNP DESK):किसी भी कर्मचारी के लिए कंपनी जितनी महत्वपूर्ण होती है, उससे कई ज्यादा एक कर्मचारी किसी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होता है. कंपनी की ओर से कर्मचारियों से ऐसा कहा जाता है कि कर्मचारियों का कोई मूल्य नहीं है उसके चले जाने से कंपनी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन हकीकत कुछ और होती है किसी भी कंपनी के लिए एक भरोसेमंद कर्मचारी का जाना बहुत बड़ा नुकसान होता है इसके साथ ही टीम को भी काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है. ऐसे में जब भी कोई कर्मचारी रिजाइन देता है तो कंपनी के एचआर कोशिश करते है कि वेतन वृद्धि करके या अन्य सुविधाएं देकर उसको रोका जाए लेकिन हर बार पैसा ही समाधान नहीं होता है दरअसल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसके बारे में आज हम बात करने वाले है.
केवल पैसा ही नहीं होता है नौकरी छोड़ने का कारण
जब भी कोई कर्मचारी कंपनी में अपना रीज़ाइन डालता है तो कंपनी की ओर से यह कोशिश की जाती है कि उसको दूसरी कंपनी में जाने से रोका जाए, इसके लिए उसको कई तरह के प्रस्ताव दिए जाते है जिसमे सबसे पहला पैसा बढ़ाने का होता है इसके साथ ही कई बार अन्य सुविधाएं भी दी जाती है.लेकिन हर बार पैसा और सुविधाएं कारण नहीं होती है. कर्मचारी किसी अन्य वजह से भी नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हो जाता है.जिसे समझना हर कंपनी के लिए जरूरी है.ऐसे में यह पोस्ट सभी के लिए अच्छा सबका साबित हो सकता है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है पोस्ट
सोशल मीडिया पर एक डिजिटल क्रिएटिव की संस्थापक प्रीति मलिक ने अनुभव साझा किया है.जिसमे बताया है कि एक कर्मचारी का इस्तीफा देना , उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई और फिर कर्मचारी से एक ऐसा सवाल पूछा गया, जिससे पूरा मामला ही बदल गया.पोस्ट में प्रीति मलिक ने बताया है कि उन्हें एक दिन अपनी टीम के ऐसे कर्मचारियों का रिजाइन मिला जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.क्योंकि कर्मचारी काफी ज्यादा प्रतिभाशाली और भरोसामंद था इसलिए उसका जाना चौंकाने वाला था.
एक सवाल ने बदल दिया कर्मचारी का फैसला
जैसे ही उसका रिजाइन मिला प्रीति ने उनसे बात करने की कोशिश की .मीटिंग के दौरान कर्मचारी ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब इस नौकरी को नहीं कर सकता है.जिसके बाद प्रीति मलिक ने कहा कि अगर आप अपनी आदर्श नौकरी खुद डिजाइन करें तो वह कैसी होगी ? इतना सुनते ही पूरा बात बदल गया.कर्मचारी ने खुलकर अपनी बात रखी जिसमे बताया कि वो सिर्फ पैसे के लिए नौकरी नहीं करना चाहता है असल में काम और उसकी पसंद के बीच बैलेंस नहीं बन पा रहा है.बार-बार उसे एक ही घीसा पिटा काम करने के लिए दिया जा रहा है जिसमे उसकी बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है.
इस तरह कर्मचारी को जाने से रोका जाता है
इतना सुनते ही प्रीति मलिक समझ गई कि पैसा और सुविधा रोजगार के लिए जरूरी नहीं है बल्की वह जो काम करना चाहता है वह उसे नहीं मिल पा रहा है. उसके भूमिका का गलत इस्तेमाल हो रहा है. बहुत बार ऐसा देखने को मिलता है कि लोगों को उनकी कबालियत या ताकत के हिसाब से काम नहीं मिल पाता है जिसकी वजह से वह हमेशा निराश रहते है.इसके लिए चाहे उन्हें ज्यादा पैसा ही क्यों ना मिल जाए लेकिन उनके अंदर संतुष्टि नहीं होती है.यह सोच कर प्रीति मलिक ने इस बात को गंभीरता से लेकर कर्मचारियों के काम को ही बदल दिया है. जिसके बाद परिणाम भी देखने को मिला.कर्मचारी ने तुरत अपना इस्तीफा वापस ले लिया और वह पहले से ज्यादा उत्साह और समर्पण के साथ काम करने लगा.
योग्ता के अनुसार काम देना जरूरी
पोस्ट में प्रीति मलिक ने कहा है कि केवल पैसा या सुविधा देना ही कर्मचारियों के लिए काफी नहीं होता है कई बार इम्पलाई की योग्यता के हिसाब से काम देना भी जरूरी होता है तब आपकी कंपनी को भी मुनाफ़ा होता है और उसके कर्मचारियों को भी ख़ुशी होती है.
Thenewspost - Jharkhand
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