मैं तुम्हें सबक सिखा दूंगी…!पत्नी ने कर दिया है दहेज प्रताड़ना का झूठा केस, तो ना घबराये, इस तरह खुद को बचाएं


टीएनपी डेस्क(TNP DESK): हमारे देश में लंबे समय से महिलाओं को परेशान किया जाता रहा है लेकिन आजकल की महिलाएं पढ़ी लिखी है और उन्हें कानून की पूरी जानकारी है वे अपने अधिकार को अच्छी तरीके से जानती है.कई मामलों में घरेलु हिंसा दहेज हर्षमेंट का मामला महिलाएं अपने पति को सबक सिखाने के इरादे से भी कर देती है जो पूरी तरह से निराधार होती है.मैं तुम्हें सबक सिखा दूंगी.... अब तुम जेल की हवा खाओगे... ऐसी डायलॉग बाजी अगर फिल्म में हो तो बहुत अच्छी लगती है लेकिन रियल लाइफ में अगर पत्नी पति को दे तो उसका खून सुख जाता है.
हाल के दिनों में बढ़ गए है झूठे केस के मामले
पति पत्नी के बीच झगड़ा आम बात होती है लेकिन कई बार यह ये इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि पत्नी दहेज या घरेलू हिंसा का झूठा केस करके पति को फांसाने की कोशिश भी करती है.दहेज और घरेलू हिंसा का मामला इतना मजबूत होता है कि इसमे महिला के पक्ष को काफी ज्यादा महत्व दिया जाता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि कानून पुरुष पक्ष की नहीं सुनेगा.अगर आपकी पत्नी ने भी आपके ऊपर झूठे दहेज या घरेलू हिंसा का केस कर दिया है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कानून आपके लिए भी है जो आपकी हितो की रक्षा करता है इसके लिए बस सही वकील से मिलना होगा.
पढ़े क्या कहता है भारतीय कानून
दरअसल लड़की की शादी के बाद उसके ससुराल वाले उस पर दहेज का दबाव बनाते है और उसकी हत्या भी कर दी जाती है वहीं इसके घरेलू हिंसा भी उसके साथ किया जाता था.जिसके लिए एक मज़बूत कानून बनाया गया.भारतीय दंड संहिता BNS की धारा 80 और Dowry death 85 जहां दहेज प्राप्त करने को लेकर महिला की रक्षा करता है तो वहीं Domestic Violence Act, 2005 घरेलु हिंसा से रक्षा करता है लेकिन कोर्ट ने भी माना है कि इस धारा का दुरुपयोग किया जा रहा है.
पत्नी ने कर दिया है झूठा केस तो उठा सकते है ये कदम
यदि आपके साथ भी आपकी पत्नी ने ऐसा किया है तो फिर आपको सबसे पहले बिना घबराए किसी अनुभवी वकील से मिलना और उसे अपने मामले की सारी जानकारी बतानी है आपके मामले को सुनकर वकील जरूर कोई रास्ता निकालेगा क्योंकि वकील कानूनी प्रक्रिया को अच्छे से समझते है और झूठे आरोपों से बचने में आपकी मदद कर सकते है.
झूठे मामला से इस तरह बचाता है कानून
आपको पता है कि अगर आपकी पत्नी ने आपके ऊपर झूठ मुकादमा किया है और दहेज या घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया है तो आप कानून की मदद ले सकते है क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 528 के तहत हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करके झूठे मामले को रद्द करवाया जा सकता है.अगर साबित हो जाता है कि आरोप झूठा और बेबुनियाद है, तो अदालत मामला समाप्त कर सकती है.
अग्रिम जमानत लेना जरुरी
दहेज प्रथा का मामला काफी ज्यादा मजबूत है, इन धराओं में महिला के हितों की रक्षा होती है, इसलिए इसमे जमानत भी नहीं दी जाती है.पुलिस चाहे तो बिना वारंट जारी किये आपको गिरफ़्तार कर सकती है इसलिए मामला दर्ज होने के बाद झूठे केसों से बचने के लिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) लेना बहुत ही जरुरी होता है.इससे आरोपी व्यक्ति को पुलिस द्वारा की जाने वाली गिरफ्तारी से बचने में मदद मिलती है.
कोर्ट में करे काउंटर केस
यदि आपकी पत्नी ने झूठा केस कर दिया है तो आप उसके खिलाफ कोर्ट में काउंटर केस कर सकते है.जहां भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत मानहानि का केस किया जा सकता है.इसके साथ ही, झूठे आरोप के आधार पर परिवार को परेशान करने के लिए मानसिक उत्पीड़न का मुकदमा भी दाखिल किया जा सकता है.
4+