यदि शादीशुदा गर्लफ्रेंड से बॉयफ्रेंड करता है धोखाधड़ी तो नहीं बनेगा रेप का केस, पढ़ें क्या कहता है कानून

    यदि शादीशुदा गर्लफ्रेंड से बॉयफ्रेंड करता है धोखाधड़ी तो नहीं बनेगा रेप का केस, पढ़ें क्या कहता है कानून

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):कलयुग की इस दुनिया में आए दिन रिश्तों में धोखेबाजी देखने को मिलती है, जहां शादी के बाद भी युवक और युवतियां अपने बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड से संबंध रखते है. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई गर्लफ्रेंड अपनी शादीशुदा जिंदगी होने के बावजूद बॉयफ्रेंड के साथ किसी भी तरह की लालच में आकर शारीरिक संबंध बनाती है और बाद में लड़के पर रेप का आरोप लगाती है तो क्या कोर्ट की ओर से उस लड़के को सजा दी जाएगी, चलिए आज इसके बारे में जानते है.

    पढ़ें क्या कहता है कानून

    बहुत सारे केस में से देखा जाता है कि लड़कियों की शादी हो जाती है लेकिन फिर भी वह अपने बॉयफ्रेंड से कॉन्टैक्ट में रहती है और शारीरिक संबंध भी बनाती है.वही बाद में धोखा मिलने पर केस भी कर देती है और चाहती है कि उन्हें इन्साफ मिले. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी लड़की की शादीशुदा जिंदगी है और वह किसी पराया मर्द के साथ किसी भी लालच से जैसे शादी विवाह या नौकरी में शारीरिक संबंध बनाती है और बाद रेप का आरोप लगाती है तो ककोर्ट क्या फैसला सुनायेगा.

    पति से बेवफाई करने वाली महिलाएं हो जाएं सावधान

    अवैध सम्बन दुनिया में कानूनी दांव-पेंच अक्सर नई बहस छेड़ते है.दरअसल हाल ही में, केरल हाईकोर्ट ने एक ऐसा महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने शादीशुदा महिला के शादी के बाद अवैध संबंधों और 'शादी के वादे पर रेप' के आरोपों को लेकर एक नया नजरिया बताया है.कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि एक शादीशुदा महिला अपने बॉय फ्रेंड के शादी के वादे को मानकर शारीरिक संबंध बनाती है और बाद में वह पुरुष उसे छोड़ देता है, तो महिला उस पर रेप का आरोप नहीं लगा सकती है.

    पढ़ें केरल हाई कोर्ट ने इस पर क्या फैसला सुनाया है

    केरल हाई कोर्ट की ये टिप्पणी उन सभी महिलाओं के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है जो शादीशुदा जिंदगी होने के बावजूद किसी पराये मर्द के साथ अवैध संबंध बनाती है.और बाद में बड़े ही आसानी से अपने शरीफ बनकर उन्हें फ़सा देती है.ऐसी धोखेबाज़ महिलाओं पर नकेल कसने के लिए कोर्ट ने एक महत्तवपूर्ण फैसला सुनाया है जिसमें कोर्ट ने कहा है कि जब एक महिला पहले से शादीशुदा है और किसी कमिटमेंट व रिश्ते में है, तो उसे 'शादी का झांसा' देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता.ऐसे मामलों में शारीरिक संबंध सहमति से बने होते है, क्योंकि एक शादीशुदा महिला को यह पता होता है कि वह किसी अन्य पुरुष से शादी नहीं कर सकती जब तक कि उसका मौजूदा विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो जाए.

    अवैध संबंध रखनेवाली महिलाओं के लिए कोर्ट ने दी चेतावनी

    हाईकोर्ट ने बयान उन विवाहित महिलाओं के लिए एक चेतावनी दी है जो शादीशुदा होने के बावजुद और पति के रहते हुए उसके साथ धोखेबाजी कर रही है और अपनी इच्छा पूरी न होने पर अपने प्रेमियों को फंसाने की धमकी दे रही है.यह सिर्फ भावनात्मक मामला नहीं, बल्कि कानूनी दायरे में आने वाला गंभीर मुद्दा है.क्योंकि महिलाएं अपनी महिला होने का नजायाज फ़ायदा लेती है और लडको को ब्लैकमेल करती है.

    धोखाधड़ी पर नकेल कसने की तैयारी में अदालत

    इसलिए अगर कोई भी शादीशुदा महिला अगर पति के रहते हुए पराया मर्द के साथ किसी रिश्ते में है और धोखा देने की सोच रही है तो उन्हें फुक फुक कर कदम रखने की जरूरत है.क्योंकि यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव का नहीं, बल्कि कानूनी जवाबदेही का मामला भी बन गया है.महिला अगर धोके और धमकी का खेल खेल रही है तो वे कानून की नजर में अबला नहीं अपराधी है.


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