भू-अर्जन व रिंग रोड घोटाला मामले में 17 अरेस्ट, ACB की बड़ी कार्रवाई में मिली सफलता


धनबाद (DHANBAD) : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भू-अर्जन और रिंग रोड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया है. एसीबी की 10 टीमों ने धनबाद, रांची, दुमका, गिरिडीह और देवघर में यह कार्रवाई की, जो पूरी रात चली. ACB की इस कार्रवाई में तत्कालीन बर्खास्त DLO उदयकांत पाठक, तत्कालीन अंचल अधिकारी विशाल कुमार, तत्कालीन सर्किल इंस्पेक्टर नीलम सिन्हा, कुमारी रत्नाकर समेत अन्य अधिकारी और कर्मी गिरफ्तार किए गए हैं.
2016 में दर्ज कराई गई थी शिकायत
यह मामला वर्ष 2016 में समाजसेवी रमेश राही की शिकायत पर दर्ज किया गया था. उस समय भू-अर्जन घोटाले में कुल 34 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करायी गई थी. आरोप है कि सरकारी भूमि अधिग्रहण के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए भूमि से संबंधित अभिलेखों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं. बताया जा रहा है कि ACB की यह कार्रवाई रिंग रोड घोटाले से भी जुड़ी हुई है. इस मामले में वर्ष 2015 में भी समाजसेवी रमेश राही ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी.
लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये से अधिक का है घोटाला
वही समाजसेवी रमेश रही ने इस मामले को वर्ष 2013 में ही उठाया था, जबकि इस प्रकरण में FIR 2016 में दर्ज की गई थी. रिंग रोड का निर्माण जनता की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन उसके लिए जिन जमीनों का अधिग्रहण हुआ, उनके बदले दी जाने वाली मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. भू-अर्जन अधिकारी, भू-अर्जन कार्यालय एवं अंचल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से इस मुआवजा राशि की लूट की. यह घोटाला लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये से अधिक का है.
मामलें के शिकायतकर्ता रमेश रही ने इस कार्रवाई के लिए ACB को धन्यवाद करते हुए सरकार से यह मांग किया कि इस घोटाले में शामिल सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त की जाए ताकि जिन लोगों की जमीन का मुआवजा इन लोगों ने हड़प लिया है वह राशि उन्हें वापस मिल सके.
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