चाईबासा: श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही

    चाईबासा: श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही

    चाईबासा : क्वार्टर मेंटेनेंस, शौचालयों के सेफ्टी टैंक की मरम्मत, मजदूरों को समान काम के बदले समान वेतन, कल्याण नगर जाने वाली सड़क की मरम्मती तथा सिविल विभाग में हो रहे कथित भ्रष्टाचार के विरोध में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामससं) यूनियन ने गुवा सेल के सिविल विभाग का घेराव किया.

    अधिकांश कार्यों में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त

    इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों और महिलाओं ने सिविल विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. आंदोलन को देखते हुए सिविल विभाग के एजीएम रामबाबू ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वार्ता की. बैठक के दौरान यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय एवं महिला मजदूरों ने आरोप लगाया कि सिविल विभाग में होने वाले अधिकांश कार्यों में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है.

    न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही है

    मजदूरों के क्वार्टरों की मरम्मत लंबे समय से नहीं की जा रही है जबकि जनरल ऑफिस, अस्पताल परिसर और गुवा सेल क्लब में सिविल कार्य कराए जा रहे हैं जो मजदूरों के साथ भेदभाव को दर्शाता है. यूनियन नेताओं ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी से भी वंचित किया जा रहा है जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है. यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही है जो कि कानूनन अपराध है.

    दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

    इसमें केवल ठेकेदार ही नहीं बल्कि सेल के कुछ बड़े अधिकारी भी संलिप्त हैं. यूनियन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की . इस पर सिविल विभाग के एजीएम रामबाबू ने कहा कि उन्हें इन तथ्यों की जानकारी नहीं है. मामले की जांच कर जानकारी लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस मौके पर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय, महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़, सिकंदर पान, रोहित पांडेय, रितेश पाणिग्राही सहित बड़ी संख्या में महिला मजदूर उपस्थित थीं.

    रिपोर्ट : संतोष वर्मा

     


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