पूरे 557 दिन के बाद पारसनाथ में मौन व्रत तोडेंगे प्रसन्न सागर जी महाराज, भव्य कार्यक्रम का आयोजन, कई वीआईपी होंगे शामिल

    पूरे 557 दिन के बाद पारसनाथ में मौन व्रत तोडेंगे प्रसन्न सागर जी महाराज, भव्य कार्यक्रम का आयोजन, कई वीआईपी होंगे शामिल

    गिरीडीह (GIRIDIH) : जैनियों की सिद्ध तीर्थ  स्थल पारसनाथ शिखरजी में प्रसन्न सागर जी महाराज 557 दिन के बाद अपना अपना मौन व्रत तोड़ कर मधुबन पारसनाथ में आयोजित महा पारना महोत्सव में भाग लेंगे जिसकी तैयारी पूरी तरह से संपन्न हो चुकी है. इसे लेकर मधुबन थाना मैदान में भव्य और काफी आकर्षक पंडाल बनाया गया है. इसके अलावा मधुबन स्थित पूर्वांचल संस्था परिसर कच्छी भवन हटिया मैदान समेत सभी जगह में भव्य पंडाल बनाए गए हैं.

    लोकसभा अध्यक्ष लेंगे कार्यक्रम में हिस्सा

    बता दें कि इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शिरकत करेंगे .इस महोत्सव को लेकर कार्यक्रम स्थल का जायजा पूर्व से ही डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मू डुमरी एसडीपीओ मनोज कुमार और प्रखंड पदाधिकारी दिनेश कुमार, अंचलाधिकारी विनय प्रकाश तिग्गा ले चुके हैं. साथ ही कार्यक्रम को शांति मय माहौल में संपन्न करवाने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किए गए हैं.

    भूखे लोगों के लिए अनाज बचाने के उद्देश्य से रखा मौत व्रत

    बता दें कि जगत कल्याण और अंतिम भूखे तक के लिए अनाज बचाने के उद्देश्य से अंतर्मन आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज कड़ाके की ठंड में पारसनाथ में 557 दिन की कठिन सिंध निष्क्रीडित व्रत के तहत मौन हैं. जो आज यानी 28 जनवरी को अपना मौन व्रत तोड़ेंगे. इस कार्यक्रम में शिरकत होने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालु पहुंचे हैं. कई वीआईपी भी शामिल होंगे. मौन साधना के पूर्णाहुति में भव्य महा महाप्रणा और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भी आयोजन होगा.

    उपवास वाला में 35 किलोमीटर पैदल यात्रा का इतिहास 

    बताते चलें कि आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के परम प्रभाव वक्त से अंतर्वना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज का 32 वर्षों में लगभग 35 उपवास वाला को किलोमीटर पैदल यात्रा का इतिहास है. बता दें कि इनके गुरु आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज भगवान महावीर के बाद कठिन तपस्या सिंध निष्क्रिय वर्ष के साधक थे. इस संबंध में मुनि श्री पीयूष सागर जी महाराज का कहना है कि तीर्थराज सम्मेद शिखरजी के स्वर्ण भद्र कूट पर लगातार 10 महीने से अधिक समय तक निवास कर आचार्य श्री आदित्य व अद्भुत साधना करने वाले भगवान महावीर के बाद पहले दिगंबर संत हैं वर्तिका महाप्रणा आज 28 जनवरी को ही समवेत शिखर की पवित्र भूमि पर संपन्न होगा. बताया कि यह कार्यक्रम आज 28 जनवरी से 3 फरवरी तक चलेगा, जिसमें मधुबन और आसपास के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी.

    रिपोर्ट : दिनेश कुमार, गिरिडीह


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