झारखंड का killer हाथी ! हर दिन कर रहा अटैक, एक रात में 7 को मारा, दहशत में लोग

    झारखंड का killer हाथी !  हर दिन कर रहा अटैक, एक रात में 7 को मारा,  दहशत में लोग

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक जंगली हाथी ने ऐसा आतंक मचाया है कि पूरा इलाका दहशत में है. बीते 6 दिनों में यह हाथी 17 लोगों की जान ले चुका है. ताजा मामला नोवामुंडी प्रखंड के बाबरिया गांव का है, जहां एक ही रात में हाथी ने एक परिवार के 5 लोगों को कुचलकर मार डाला. इसके अलावा बड़ा पासीया और लांपाईसाई गांवों में भी हाथी के हमले से 2 लोगों की मौत हो चुकी है.

    6 दिन में 17 लोगों की मौत, गांव-गांव फैला डर

    पिछले 6 दिनों से हाथी लगातार लोगों पर हमला कर रहा है. अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है. हाथी का आतंक सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के कम से कम तीन गांव इसकी चपेट में आ चुके हैं. मृतकों के परिजनों ने वन विभाग और प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की मांग की है. प्रशासन ने लोगों को राहत और जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है.

    एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत

    बाबरिया गांव में हाथी का सबसे भयावह हमला सामने आया. रात करीब 10 बजे, जब एक परिवार गहरी नींद में सो रहा था, तभी हाथी ने घर पर हमला कर दिया. इस हमले में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई. परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा. इस हमले में पड़ोसी परिवार के एक सदस्य की भी जान चली गई. मृतकों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो बच्चे और मोगदा लागुरी के रूप में हुई है. सभी शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

    मृतकों में छोटे बच्चे भी शामिल

    इस खूनी सिलसिले में सबसे दर्दनाक बात यह है कि मरने वालों में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं. बीते 6 दिनों में हाथी अब तक 5 बड़े हमले कर चुका है, जिनमें कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

    1 जनवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला 1 जनवरी को टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव में 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम को हाथी ने कुचलकर मार डाला. उसी रात बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी मौत हो गई.

    इसी दिन सदर प्रखंड के रोरो गांव में 57 वर्षीय विष्णु सुंडी को भी हाथी ने मार दिया. वहीं बिरसिंहहातु गांव की मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं, हालांकि उनकी जान बच गई.

    2 जनवरी को गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में 13 वर्षीय रेंगा कयोम को हाथी ने पैर के नीचे कुचलकर मार डाला. उसी दिन चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव में 10 साल की ढिंगी गागराई को भी हाथी ने जमीन पर पटककर मार दिया.

    4 जनवरी को गोइलकेरा प्रखंड के संतरा वन क्षेत्र की कुईडा पंचायत के अमराई कितापी गांव में एक महिला की हाथी के हमले में मौत हो गई. इस हमले में उसके पति रंजन टोपनो और 10 साल का बेटा काहिरा टोपनो गंभीर रूप से घायल हो गए.

    5 जनवरी को संतरा वन क्षेत्र के बिला पंचायत स्थित वन ग्राम मिस्त्रीबेड़ा में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की हाथी के हमले से जान चली गई, जबकि उनके पति चंद्र मोहन लागुरी घायल हो गए.

    6 जनवरी को गोइलकेरा के सोवा गांव में हाथी ने कुंदरा बाहदा, उनके 6 साल के बेटे कोदमा और 8 महीने की बेटी सामू को मार डाला. इस हमले में 3 साल की बच्ची जिंगीं बाहदा गंभीर रूप से घायल हो गई.

    गांव-गांव घूमता रहा खूनी हाथी

    सोवा और पाटुंग गांव से होते हुए हाथी मंगलवार को संतरा वन क्षेत्र के टोंटो प्रखंड स्थित कुईलसूता गांव पहुंचा. यहां 21 वर्षीय जगमोहन सवईया पर हमला कर हाथी ने उसे पटक-पटक कर मार डाला. लगातार हो रहे इन हमलों से पश्चिमी सिंहभूम के लोग दहशत में हैं. अब सभी की नजर प्रशासन और वन विभाग पर है कि आखिर इस खूनी आतंक पर कब और कैसे काबू पाया जाएगा.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news