दुमका (DUMKA) : कहते है अफवाह बड़ी तेजी से फैलता है. खासकर सोशल मीडिया के जमाने में इसकी गति कई गुना बढ़ जाती है. अफवाह को लेकर समय समय पर विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है. झारखंड की उपराजधानी दुमका में इन दिनों बच्चा चोर गिरोह का अफवाह फैला है. जिसको लेकर काठीकुंड में जब विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई तो पुलिस की तरफ से अफवाह से बचने की अपील की जा रही है. थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित कर लोगों को अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है.
काठीकुंड के चिरूडीह में बच्चा चोर गिरोह को लेकर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
दरअसल बीतें कुछ दिनों से सोशल मीडिया में बच्चा चोर गैंग के दुमका में सक्रिय होने का संदेश वायरल हो रहा था. इसको लेकर कई गांव के ग्रामीण टोली बना कर रतजगा कर रहे है. इसी क्रम में शुक्रवार की देर रात दुमका जिला स्थित काठीकुंड थाना क्षेत्र के चिरूडीह गांव के ग्रामीणों ने एक बलेरो को मुख्य मार्ग पर रानी पहाड़ी गांव की तरफ तेजी से जाते देखा. ग्रामीणों ने बोलेरो में बच्चा चोर गिरोह की आशंका जताते हुई इसकी सूचना रानी पहाड़ी गांव के ग्रामीणों को दी. जहां ग्रामीणों ने बीच सड़क पर बैलगाड़ी खड़ी कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया और लाठी डंडे से लैस होकर बलेरो आने का इंतजार करने लगे. इधर बलेरो चालक ने जब मार्ग को बैलगाड़ी से अवरुद्ध और लाठी डंडे से लैस भीड़ को देखा तो गाड़ी वापस चिरूडीह गांव की तरफ मोड दिया. जहां पूर्व से खड़े ग्रामीणों द्वारा बोलेरो को पकड़ लिया गया.
ग्रामीणों द्वारा पूछताछ के क्रम में वाहन सवार लोगों ने बताया कि वे सभी भागलपुर से लिट्टीपाड़ा के रास्ते तारापीठ मंदिर पूजा करने के लिये जा रहे है. बोलेरो सवार राजकुमार चौधरी, सिकंदर वर्मा, नरेंद्र चौधरी, सुधांशु कुमार झा व बोलेरो चालक मो मनीर सभी भागलपुर जिला के सन्हौला थाना निवासी थे. बताया कि रास्ता भटक कर वो इस और चले आए थे. ग्रामीणों द्वारा वाहन सवार सभी को गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में रखा गया. सुबह तक यह खबर आग की तरह फैल गयी और देखते ही देखते शिकारीपाड़ा, गोपीकांदर, पाकुड़िया व काठीकुंड थाना क्षेत्र के कई गांव के ग्रामीण चिरूडीह गांव पहुंच गये. जहां कई गांव के ग्राम प्रधान की उपस्थिति में बैठक कर सभी लोगों को जाने देने का निर्णय लिया गया, लेकिन उपस्थित भारी भीड़ द्वारा इसे लेकर बवाल किया जाने लगा.
तारापीठ पूजा करने जा रहे बलेरो सवार श्रद्धालु को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, वाहन क्षतिग्रस्त
तब तक काठीकुंड, गोपीकांदर व शिकारीपाड़ा पुलिस गांव पहुंच चुकी थी. मौके पर उग्र भीड़ द्वारा बोलेरो को बुरी तरह तोड़ फोड़ करते हुए उलट दिया. काठीकुंड थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार, गोपीकांदर थाना प्रभारी सुमित भगत द्वारा आक्रोशित भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन बंधक बनाए गए लोगों को ग्रामीण ले जाने नहीं दिया. मामले को उग्र होता देख कर एसडीपीओ विजय कुमार महतो, बीडीओ सौरव कुमार, सीओ ममता मरांडी व इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने भी गांव पहुंच कर लोगो को समझाने का प्रयास किया, जिसमें पुलिस सफल रही. अंततः चिरूडीह गांव के ग्रामीणों ने इस मसले को अपने गांव से संबंधित बताते हुए बाहर गांव से आए ग्रामीणों को खदेड़ा. ग्रामीणों ने अपने व पुलिस प्रशासन के घेरे में सभी बंधक लोगो को पुलिस की गाड़ी में बिठा कर पुलिस के हवाले किया.
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं को कराया मुक्त
इस संबंध में थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 200 से ढाई सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कहा कि छुड़ाए गये सभी लोग सकुशल है और उन्हें घर जाने दिया गया.
रिपोर्ट-पंचम झा
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