साहिबगंज प्रशासन पर पंकज मिश्रा का खौफ! ईडी के फरमान के बावजूद दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी, देखिये यह रिपोर्ट

    साहिबगंज प्रशासन पर पंकज मिश्रा का खौफ! ईडी के फरमान के बावजूद दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी, देखिये यह रिपोर्ट

    रांची- मनीलांड्रिंग और टेंडर मैनेजमेंट मामले में जेल में बंद सीएम हेमंत के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का साहिबगंज जिला प्रशासन पर दबदबा आज भी बरकरार है. अधिकारियों पर पंकज मिश्रा के नाम का खौफ इस कदर हावी है कि ईडी के फरमान के बावजूद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने की उनकी हिम्मत नहीं हो रही. अधिकारियों के द्वारा पंकज मिश्रा के बदले उसके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है.

    सरकार के रुख का इंतजार

    हालांकि अधिकारियों में यह डर पंकज मिश्रा का है या वे इस मामले में सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं, एक अलग सवाल है, लेकिन इतना तो तय है कि पंकज मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने का रांची से साहिबगंज पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ गया.

    ईडी के अधिकारियों ने ड्रोन कैमरे की मदद से जुटाये थे साक्ष्य

    यहां बता दें कि हाल ही में ईडी के अधिकारियों के द्वारा साहिबगंज का दो दिवसीय दौरा किया गया था, जिला खनन पदाधिकारी, विभूति नारायण कुमार, फॉरेस्ट अधिकारी जितेन्द्र दुबे, झारखंड स्टेट पॉल्यूशन बोर्ड के रिजनल ऑफिसर कमलकांत पाठक को अपने साथ लेकर ईडी के अधिकारियों ने मंडरो अंचल स्थित नीबूं पहाड़, मारीकुट्टी, डेंबा, सिमरिया, चुवे, चुआ, जोकमारी, लालमाटी, भुरकुंडा सहित कई स्थानों का दौरा किया था, ड्रोन कैमरे की मदद से अवैध खनन के साक्ष्य जुटाये गये थें.

    जेल में रहकर अवैध खनन करवाने का आरोप

    अधिकारियों का दावा था कि पंकज मिश्रा जेल में रहकर भी अवैध खनन को अंजाम दे रहा है, उसके जेल जाने के बाद अवैध खनन में कोई कमी नहीं आयी, उल्टे उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, अवैध खनन का दायरा बढ़ा है, पुराने स्थानों के साथ ही अब नये-नये जगहों भी पर अवैध खनन किया जा रहा है.

    जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार ने पंकज मिश्रा के सहयोगियों के खिलाफ दर्ज करवायी प्राथमिकी

    दौरे के बाद सात अप्रैल को ईडी की ओर से एसपी को पत्र लिखकर अवैध खनन पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया, साथ ही जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार को पंकज मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने का आदेश भी दिया था. लेकिन ईडी के आदेश का धरी की धरी रह गयी. ईडी के आदेश के बाद 8 अप्रैल को जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार ने जिरवाड़ी थाने में प्राथमिकी तो जरुर दर्ज करवाया, लेकिन आश्यर्जनक रुप से उस प्राथमिकी  में पंकज मिश्रा का कहीं जिक्र तक नहीं था. इसके बदले दर्ज प्राथमिकी में विष्णु कुमार यादव उर्फ छोटू यादव को आरोपी बनाया गया है. विष्णु कुमार यादव के विरुद्ध यह आरोप है कि उसके द्वारा बगैर अनुज्ञप्ति के खनन किया गया.

    अवैध खनन के दावे को जिला खनन पदाधिकारी ने भी स्वीकारा

    हालांकि जिला खनन पदाधिकारी ने खुद भी स्वीकार किया है कि उनके द्वारा मौजा मारीकुट्टी, डेंबा, सिमरिया, चुवे, चुआ, जोकमारी, लालमाटी, भुरकुंडा इलाके में औचक छापेमारी की गयी थी और उस छापेमारी में उन्हे अवैध खनन के साक्ष्य मिले हैं, सिमरिया और चुवा के दाग संख्या 80, 78,79,8, 91 में अवैध खनन किया गया है. साथ ही सिमरिया के दाग संख्या 23, 69, 70, 71 में विस्फोट करने की तैयारी की गयी थी,  भरा हुआ बारूद पाया गया है.


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