पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने की कोशिश : बागनल गांव में स्ट्रॉबेरी के पौधों के साथ जगी नई आस

    पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने की कोशिश : बागनल गांव में स्ट्रॉबेरी के पौधों के साथ जगी नई आस

    दुमका (DUMKA) : दुमका के सदर प्रखंड स्थित बागनल गांव में खेती के एक नए प्रयोग की शुरुआत हुई है. वर्षों से  पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहे गांव में अब स्ट्रॉबेरी के पौधे रोपे गए हैं. यह पहल उद्यान विभाग और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के संयुक्त प्रयास से की गई है, जिसकी शुरुआत सुंदरी दीदी के खेत से हुई. सुंदरी दीदी के लिए यह खेती फिलहाल एक उम्मीद है। स्ट्रॉबेरी जैसी नकदी फसल से भविष्य में बेहतर आय की संभावना दिखाई दे रही है.

    DC और DDC ने पौधा रोपण कर किया स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरूआत

    कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने खेत में पौधारोपण कर ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का उत्साह बढ़ाया. अधिकारियों ने कहा कि यह एक पायलट पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को वैकल्पिक और लाभकारी फसलों से जोड़ना है. इसे अन्य गांवों तक भी विस्तार दिया जाएगा.

    यह प्रयास ग्रामीणों की आमदनी और सोच दोनों को बदलने में मदद करेगा

    अभी खेत में छोटे-छोटे पौधे लगाए गए हैं और फसल आने में वक्त लगेगा, लेकिन बागनल गांव में इसे खेती के नए रास्ते की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह प्रयास आने वाले समय में उनकी आमदनी और सोच दोनों को बदलने में मदद करेगा.

    रिपोर्ट-पंचम झा


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