पिपरवार परियोजना में फर्जीवाड़ा कर सीसीएल में नौकरी लेने वाले 22 कर्मियों पर केस, अंचल और CCL के बाबुओं की मिलीभगत का खुलासा

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पिपरवार परियोजना में फर्जीवाड़ा कर सीसीएल में नौकरी लेने वाले 22 कर्मियों के खिलाफ आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इसकी जानकारी इंस्पेक्टर उमेश राम ने देते हुए बताया कि दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, साल 2014 से 18 के बीच अंचल और पिपरवार कार्यालय में काम करने वाले अधिकारी और कर्मी जांच के दायरे में आयेंगे.
पिपरवार के जीएम संजीव कुमार का कहना है कि अधिकारियों द्वारा सत्यापित जमीनों व वंशावली के आधार पर सीसीएल नौकरी या मुआवजा देती है. दर्ज प्राथमिकी पर उन्होंने कहा कि जिन सीसीएलकर्मियों पर आरोप है और जो पिपरवार अशोका कार्यरत हैं, उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है. आपको बताते चलें कि पिपरवार अशोक और पूर्णाडीह कोल परियोजना में जमीन के बदले नौकरी देने में फर्जीवाड़ेका खुलासा हुआ है. इसमें वंशावली बनाने में अंचल के बाबू और सीसीएल के बाबुओं की मिलीभगत की खुलासा एसडीओ सिमरिया की जांच रिपोर्ट में हुआ है. दर्ज प्राथमिकी में भू-अर्जन पदाधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि कुछ मामले में अंचल के पदाधिकारी, कर्मी एवं सीसीएल पदाधिकारी और कर्मियों ने सांठगांठ कर फर्जी बनावटी वंशावली, फर्जी लगान रसीद, हुकूमनामा, फर्जी जमाबंदी निर्गत कर सीसीएल में धोखाधड़ी कर अधिग्रहण क्षेत्र के बाहरी लोगों नौकरी दी है. फर्जी जमाबंदी और फर्जी वंशावली बनाकर सीसीएल में नौकरी लेने के खुलासे के बाद पिपरवार, अशोका, मगध, आम्रपाली और पूर्णाडीह एनके एरिया परियोजना में हड़कंप है.
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