अंधविश्वास की बली चढ़ा 7 साल का मासूम, डायन-बिसाही के शक में चली गई जान

    अंधविश्वास की बली चढ़ा 7 साल का मासूम, डायन-बिसाही के शक में चली गई जान

    खूंटी (KHUNTI): आज के इस तकनीकी युग में भी जादू-टोना और टोटके जैसी चीजें हमारे समाज को खोखला कर रही हैं. अंधविश्वास आज भी समाज और दुनियादारी की गहराई में छुपा हुआ है जहां कई बार यह चीजें किसी की जान की दुश्मन तक बन जाती हैं. ऐसा ही एक मामल सामने आया है खूंटी जिले से जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. यह दिल दहला देने वाली घटना खूंटी के मारंगहदा थाना क्षेत्र से जुड़ी है, जहां डायन-बिसाही के शक में सात वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

    पुलिस के अनुसार, लांदुप पंचायत के बीमडीह गांव निवासी 55 वर्षीय रघु मुंडा को संदेह था कि उसके बेटे की कुछ दिन पहले बीमारी से हुई मौत के पीछे जादू-टोना जिम्मेदार है. उसने यह आरोप गांव के ही लक्ष्मण मुंडा पर लगाया. इसी अंधविश्वास और बदले की भावना में रघु मुंडा ने 25 वर्षीय जगरनाथ मुंडा उर्फ जगरा मुंडा के साथ मिलकर लक्ष्मण मुंडा के सात साल के बेटे को निशाना बनाया.

    बताया गया कि दोनों आरोपियों ने बच्चे को चॉकलेट देने का लालच देकर अपने पास बुलाया और फिर उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. शव मिलने के बाद मृतक के पिता लक्ष्मण मुंडा के बयान पर मारंगहदा थाना में मामला दर्ज किया गया. थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया, जहां पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया.

    थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल ने बताया कि घटना 23 जनवरी 2026 की है, जहां, मामले में उसी दिन मारंगहदा थाना में कांड संख्या 02/2026 दर्ज किया गया है. इसमें बीएनएस 2023 की धारा 103(1), 238(A) तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया कुदाल बरामद किया गया है. साथ ही घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, पत्तियां और मृतक की चप्पलें भी जब्त की गई हैं.

    पुलिस ने बताया कि इस मामले के खुलासे में हुंट मुखिया सोमा मुंडा और बंदाडीह गांव के ग्रामीणों का भी सहयोग मिला. पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी के अलावा केस आईओ संतोष रजक, सहायक अवर निरीक्षक रमजानुल हक, बिनल तिग्गा समेत मारंगहदा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे.


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