मैम हमें छोड़कर मत जाओ! टीचर की विदाई पर फ़ुट-फ़ुटकर रोने लगे बच्चे,नज़ारा देख भर आया गांव वालों का दिल

    मैम हमें छोड़कर मत जाओ! टीचर की विदाई पर फ़ुट-फ़ुटकर रोने लगे बच्चे,नज़ारा देख भर आया गांव वालों का दिल

    भागलपुर(BHAGALPUR):कहते है कि शिक्षक और छात्र का रिश्ता केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि दिल से दिल का गहरा जुड़ाव बन जाता है. मंगलवार को इसका सजीव उदाहरण पीरपैंती प्रखंड के मध्य विद्यालय धनपाल टोला में देखने को मिला, जब BPSC TRE-01 से नियुक्त शिक्षिका सोनाली कुमारी का ट्रांसफर लेटर आने के बाद विद्यालय में विदाई समारोह आयोजित हुआ.समारोह के दौरान पूरा स्कूल गमगीन हो गया और माहौल बेहद भावुक हो उठा.

    सम्मान और विदाई का आयोजन

    विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम की अगुवाई प्रधानाध्यापक मंटू प्रसाद मंडल ने की.शिक्षिका सोनाली कुमारी को सहकर्मी शिक्षिकाओं कुमारी नेहा, जेबा रफत और रेणु कुमारी ने फूल-मालाओं से सम्मानित किया.वहीं शिक्षक साकेत कुमार निर्गुण और मो. खुर्शीद ने लेडी पर्स, गुलदस्ता और टिफिन जैसे तोहफे दिए.समारोह का माहौल सामान्य ही चल रहा था, तभी कुछ बच्चियों ने मास्टर साहब जितेंद्र कुमार से पूछ लिया.मैम को इतना माला क्यों पहनाया जा रहा है?

    शिक्षिका सोनाली की भावुक बातें

    जब उन्हें बताया गया कि सोनाली मैम का ट्रांसफर हो गया है तो बच्चों की आंखों से आंसू बह निकले. छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं सोनाली मैम से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे. मासूम बच्चों का यह दर्द देखकर खुद सोनाली मैम भी आंसू रोक न सकी.स्कूल का हर कोना मानो मातम में डूब गया.पत्रकारों से बातचीत में सोनाली कुमारी ने कहा मेरी पहली पोस्टिंग 22 नवंबर 2023 को यहीं धनपाल टोला मध्य विद्यालय में हुई थी. यहां के बच्चों का प्यार, ग्रामीणों और शिक्षकों का सहयोग मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी.यह जगह हमेशा मेरी यादों में रहेगी

    पढ़े सोनाली मैम के बारे में ग्रामीणों ने क्या कहा

    उनकी यह बातें सुनकर मौजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं और बच्चों की आंखें फिर से भर आई.ग्रामीणों का कहना था कि सोनाली जैसी स्नेहमयी और लगनशील शिक्षिका मिलना मुश्किल है.अल्प समय में ही उन्होंने बच्चों को न सिर्फ पढ़ाई बल्कि संस्कार भी दिए.विदाई के बाद जब सोनाली स्कूल से बाहर निकलीं तो बच्चों की भीड़ फिर उमड़ पड़ी.कोई उनका हाथ पकड़कर रोकने की कोशिश कर रहा था, तो कोई उनका बैग उठाने की जिद कर रहा था. अंततः आंसुओं के बीच सोनाली मैम ने बच्चों को गले लगाकर अलविदा कहा और कार की ओर बढ़ गई.पूरे विद्यालय का वातावरण गमगीन था. बच्चे बार-बार एक ही बात कह रहे थे.मैम, आप हमें छोड़कर मत जाइए.


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