भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा कर रहे हैं गुल्लू दा, जानें कैसे मिट्टी और गोबर की राखियां बनाकर सरहद पर भेज रहे

    भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा कर रहे हैं गुल्लू दा, जानें कैसे मिट्टी और गोबर की राखियां बनाकर सरहद पर भेज रहे

    पूर्णिया(PURNIYA): भाई बहन के रिश्ते का पवित्र पर्व रक्षाबंधन आने वाला है. ऐसे में बाजारों में रंग बिरंगी राखियां सजने लगी है, लेकिन पूर्णिया का एक कलाकार वेस्टेज  सामान  गोइठा और मिट्टी से राखी का निर्माण कर शरहद पर देश की सुरक्षा कर रहे सैनिकों को भेजने का काम कर रहे हैं.

    भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा कर रहे हैं गुल्लू दा

    पूर्णिया के चित्रकार गुल्लू दा अपनी कलाकारी से पूरे देश में चर्चा में रहते है. कभी राष्टपति भवन की वाल पेंटिंग कर, तो कभी राष्ट्रीय सम्मान पाकर.  इस बार गुल्लू दा गोबर के गोइठा और मिट्टी के बर्तन से राखी का निर्माण कर रहे हैं. गुल्लू दा के इस कलाकारी से चमचमाती राखी बनाई जा रही है, जो सीमा पर सुरक्षा कर रहे सिपाहियों को भेजा जा रहा है. गुल्लू दा बताते हैं कि वे अपने छात्रों को भी इस कला की बारीकियों को बता रहे है जिससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है.

    मिट्टी और गोबर की राखियां बनाकर भेज रहे हैं सरहद पर

    गुल्लू दा के शिष्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चौधरी कहते है कि संसार में हर वेस्टेज समान का कुछ न कुछ उपयोग है, जो गुल्लू दा जैसे कलाकार को पता है. इसी की बानगी है ये राखी जो रक्षाबंधन के दिन सैनिक भाइयो की कलाइयों पर दिखेगी. पिछले साल गुल्लू दा ने वेस्टेज समानों से 15 सौ राखी बना कर शरहद पर भेजने का काम किया था. और इस बार फिर गुल्लू दा का प्रयास रंग ला रहा है.  उनके कूची और कलाकारी की चर्चा सब जगह हो रही है.


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