भारत बंद के समर्थन में उतरे चिराग पासवान, कहा- “जब तक मैं हूं तब तक आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं”

    भारत बंद के समर्थन में उतरे चिराग पासवान, कहा- “जब तक मैं हूं तब तक आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं”

    पटना(PATNA): आज 21 अगस्त को भारत बंद का समर्थन पूरे भारत में जोरों शोरों से किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ST और SC में सब केटेगरी बनाने का फैसला सुनाने पर देश में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के साथ साथ कई दलित संगठन और विपक्ष पार्टी सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं. वहीं, पूरे भारत में सियासी उबाल के बीच सत्ता पक्ष के हनुमान कहे जाने वाले लोजपा(रा) के चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी अब भारत बंद का समर्थन कर दिया है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के आरक्षण के खिलाफ और भारत बंद का समर्थन करने के ट्वीट को देख कर साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि सत्ता के हनुमान और उनकी सेना इस वक्त आरक्षण को लेकर विपक्ष के साथ खड़ी है. 

    X अकाउंट पर किया ट्वीट 

    केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने सोशल मीडिया X अकाउंट पर ट्वीट कर भारत बंद के समर्थन में उतर गए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, "SC-ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से भारत बंद के फैसले का SC-ST के पक्ष में मैं और मेरी पार्टी लोजपा(रा) नैतिक रूप से समर्थन करती है. हमारा कर्तव्य है की हम समाज के शोषितों और वंचितों के हक की आवाज बने. कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट में बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के बनाए गए आरक्षण के प्रावधान को वैसा ही रखने का फैसला लिया गया था. आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ नहीं करने के फैसले का मैं और मेरी पार्टी स्वागत करती है. मैं आश्वस्त करता हूं की जब तक मैं हूं तब तक आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है. श्रद्धेय रामविलास पासवान के सिद्धांतों पर चलने वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) दलितों के हक और अधिकार के लिए लड़ाई लड़ते रहेगी".  

    तीन बार जा चुके हैं सरकार के खिलाफ 

    बता दें कि, मोदी सरकार के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान पहली बार सरकार के खिलाफ नहीं खड़े हुए हैं. मोदी सरकार के तीन महीने के कार्यकाल में चिराग तीसरी बार मोदी सरकार के खिलाफ जा चुके हैं. इससे पहले वे अगस्त के शुरुवात में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए आरक्षण के फैसले के खिलाफ जा चुके थे. फिर दूसरी बार में हाल ही में UPSC में लेटरल एंट्री के जरिए 45 पदों पर निकले बहाली के विज्ञापन के खिलाफ भी जा चुके हैं. और अब तीसरी बार वे भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं. 

    क्या है मामला 

    हाल ही में 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर एक एहम फैसला सुनाया था. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने ST- SC के क्रीमी लेयर को आरक्षण से बाहर कर दिया था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को ST- SC समूहों के भीतर उप-श्रेणी (Sub-Category) बनाने की अनुमति देने के साथ कहा कि, “उन्हें ही आरक्षण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिन्हें वास्तव में जरूरत है”. जिसके बाद से ही सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के विरोध में व्यापक बहस छिड़ी हुई है. इस फैसले के विरोध में और इसे वापस लेने की मांग को लेकर ही आज 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया गया है. जिसका मिला जुला असर झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जैसे कई राज्यों में देखने को मिल रहा है. 

     


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