झारखंड में देसी शराब की बिक्री घटी तो विभाग ने निकाली तरकीब, अब 55 में ही मिलेगी 300 एमएल की बोतल

    झारखंड में देसी शराब की बिक्री घटी तो विभाग ने निकाली तरकीब, अब 55 में ही मिलेगी 300 एमएल की बोतल

    रांची(RANCHI): राज्य में देसी शराब की डिमांड कम होने से विभाग परेशान है. सभी बिंदुओं पर बैठक कर रणनीति तय की जा रही है. जिससे शराब की बिक्री बढ़ सके. लंबा मंथन और चिंतन करने के बाद उत्पाद विभाग ने देसी शराब की बिक्री बढ़ाने की तरकीब खोज ली है. अब वापस से 55 रुपये में 300 एमएल शराब दी जाएगी. जिससे डिमांड बढ़ सके.साथ ही किसी भी दुकान पर देसी शराब की कमी ना हो इसके लिए शराब कंपनी के मालिक के साथ मंत्री ने बैठक की है.

    आखिर क्यों घट गई बिक्री

    दरअसल राज्य में बड़ा तबका है जो कंट्री लिकर का सेवन करता है.जिससे राज्य सरकार को राजस्व का भी फायदा होता है. लेकिन पिछले पाँच साल में कंट्री लिकर पीने वालों की संख्या में कमी आ गई. जिसके बाद विभाग ने इसपर मंथन किया. आखिर शराब की बिक्री राज्य में कम क्यों हुई है. क्या कंपनी से शराब मुहैया नहीं हो पा रहा है या फिर कुछ और वजह है. आखिर में मंत्री ने शराब की बिक्री कम होने की वजह को खोज लिया. जिसमें पाया कि शराब का महंगा होना बिक्री में कमी होने की एक बड़ी वजह है.

    55 रुपये में मिलगी 300 एमएल की बोतल

    आखिर कार निर्णय लिया गया कि वापस से कंट्री लीकर की बिक्री प्लास्टिक की बोतल में की जाएगी. 55 रुपये में 300 एमएल शराब बिक्री किया जाएगा. जिससे इसकी डिमांड बढ़ेगी. अब तक राज्य सरकार सीसे की बोतल में 40 रुपये में 180 एमएल ही शराब बिक्री करती थी. जिसमें अब बदलाव किया गया है.अब जब ज्यादा शराब कम पैसे में मिलेगा तो विभाग को उम्मीद है कि बिक्री में बढ़ोतरी होगी. 

    कब कितनी हुई बिक्री

    साल 2019-20 में 7,35,715 पेटी शराब की बिक्री हुई. जिसके बाद अगले वित्तीय वर्ष में बढ़ोतरी में उछाल आया. 2020-21 में 25,65,850 पेटी की रिकार्ड बिक्री हुई जिससे राज्य सरकार को मुनाफा हुआ. लेकिन इसके बाद इसका ग्राफ नीचे गिरता चला गया. 2022-23 में 6,95,306 पेटी और 2023-24 में 3,24,011 पेटी पर सिमट गया. इससे राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ. जिसके बाद अब वापस से बिक्री बढ़ाने की तैयारी है.

    मंत्री ने कहा नहीं होगी कमी

    गुरुवार को रांची के कांके रोड स्थित उत्पाद विभाग के दफ्तर में बैठक हुई. इसमें विभागीय मंत्री ने सभी देसी शराब कंपनी के मालिकों के साथ बैठक की. उनकी समस्या को जाना. बैठक के बाद योगेन्द्र प्रसाद ने कहा कि राज्य के आठ देसी शराब उत्पादक कंपनी है. इससे पूर्ति नहीं होगा तब बाहर के राज्यों से मंगाया जायेगा.  उन्होंने कहा कि राज्य के इन सभी आठ देसी शराब फैक्ट्रियों से उत्पादन नहीं हो रहा था. इससे राज्य के लोगों को देसी शराब उपलब्ध नहीं हो पा रहा था. जिस वजह से राज्य को राजस्व की भी हानि हो रही थी. इसलिए इन फैक्ट्रियों के ऑनर के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि मॉडर्न देसी शराब की दुकान खोली जायेगी. इससे उत्पादन और राजस्व दोनों बढ़ेगा.


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