राजनेताओं के लिए सबक है ऐसी दोस्ती : हेमंत सोरेन का सबसे बड़ा बफादार आज ED के राजदार ! मुख्यमंत्री के ताज से लेकर जेल जाने तक की पूरी कहानी, जानिए कौन है ये शख्स

    राजनेताओं के लिए सबक है ऐसी दोस्ती : हेमंत सोरेन का सबसे बड़ा  बफादार आज ED के राजदार !  मुख्यमंत्री के ताज से लेकर जेल जाने तक की पूरी कहानी, जानिए कौन है ये शख्स

    रांची (TNP Desk) : एकतरफ झारखंड में नई सरकार का गठन हुआ, जिसके जश्न में पार्टी के नेता डूबे हुए हैं और खुशियां मना रहें हैं. राज्य की नवनियुक्त मंत्री अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब बड़ी मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं. उन्हें आज ही के दिन दोस्त ने बड़ा झटका दे दिया है. हेमंत के करीबी व आर्किटेक्ट विनोद सिंह ईडी के सरकारी गवाह बनेंगे. जानकारी के अनुसार विनोद ने ईडी के सामने ट्रांसफर-पोस्टिंग और बड़गाईं अंचल की 8.46 एकड़ जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने, उसका नक्शा बनाने की बात स्वीकार कर ली है.

    विनोद के करीबियों से ईडी की पूछताछ

    अभी ईडी आर्किटेक्ट विनोद सिंह के ग्रिड्ड कंसल्टेंट के द्वारा विभिन्न विभागों में किए गए काम भी जांच कर रही है. वहीं उसके कार्यालय के कर्मचारी और करीबियों से पूछताछ कर रही है. 

    मोबाईल और कम्प्यूटर से मिले कई राज

    बताया जाता है कि विनोद सिंह के मोबाइल और कम्प्यूटर की जांच ईडी ने जब शुरू की तो कई सिक्रेट राज अधिकारियों को मिले. विनोद के व्हाट्सएप चैट से ही भ्रष्टाचार की पोल खुल गई. ईडी को व्हाट्सएप चैट में बड़गाईं अंचल की जमीन से लेकर अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और कई विभागों के टेंडर मैनेज तक जानकारी मिले. आर्किटेक्ट के दो अलग-अलग मोबाइल से  व्हाट्सएप चैट की 539 और 210 पेज का दस्तावेज बनाकर ईडी के अधिकारियों ने पीएमएलए कोर्ट में पेश किया. जिसके बाद कई सारे राज सामने आये. जो उसके मोबाइल में दफ्न था. इसके बाद से ईडी लगातार उससे पूछताछ कर रही है.

    विनोद के सरकारी बनने से हेमंत की बढ़ी टेंशन!

    आर्किटेक्ट विनोद सिंह सरकार गवाह बनने के लिए तैयार हो गया है. उसने ईडी अधिकारी के सामने कागजात पर हस्ताक्षर भी किया है. जानकारी जो मिल रही है उसके अनुसार विनोद ने कहा है कि बड़गाई अंचल की जमीन से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर मैनेज की जानकारी कोर्ट को देगा. इस काले खेल में कौन-कौन शामिल है उसके भी नाम का राज खोलेगा. ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की टेंशन बढ़ गई है. अब उन्हें ये डर सता रहा होगा कि कहीं विनोद मेरा भी नाम ना ले ले. हालांकि अब विनोद के उपर निर्भर करता है वो किसका नाम लेगा किसका नहीं. फिलहाल ये सभी जांच का विषय है.


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