मणिपुर हिंसा- प्रवक्ता विनोद शर्मा ने छोड़ा कमल का साथ, कहा नस्लीय हिंसा के बाद भी नहीं टूटी पीएम मोदी की कुंभकर्णी नींद

    मणिपुर हिंसा- प्रवक्ता विनोद शर्मा ने छोड़ा कमल का साथ, कहा नस्लीय हिंसा के बाद भी नहीं टूटी पीएम मोदी की कुंभकर्णी नींद

    Patna- मणिपुर में जारी हिंसा और उस मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर अब भाजपा के अन्दर ही सवाल खड़े किये जाने लगे हैं. इसकी शुरुआत बिहार से होती नजर आ रही है, जहां पार्टी प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कमल को बॉय-बॉय करने का फैसला कर लिया है.

    मणिपुर हिंसा के लिए सीएम बीरेन सिंह के साथ ही पीएम मोदी भी जिम्मेवार

    विनोद शर्मा ने मणिपुर की हिंसा के लिए सीएम बीरेन सिंह के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी को भी बराबर का जिम्मेवार बताया है. उन्होंने कहा है कि अपनी बेटियों की इस दुर्दशा को देख कर वह आत्मग्लानि से भर चुके हैं और अब उनसे यह पीड़ा बर्दास्त नहीं हो रही है. इस बात का जीवन भर दुख रहेगा कि कभी भाजपा के साथ काम किया था. बात-बात में राष्ट्रवाद का नारा और सनातन संस्कति का दम्भ भरने वाली भाजपा हमारी बेटियों के साथ इस कुकर्म पर चुप्पी साध गयी. इसके साथ ही भाजपा का असली चेहरा भी उजागर हो गया.

    अपना इस्तीफा सौंप कर मोदी बना सकते थें एक मिसाल

    विनोद शर्मा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री में सीएम बीरेन सिंह से इस्तीफा लेने की हिम्मत नहीं थी, तो खुद ही इस्तीफा दे देतें, लेकिन अपनी चुप्पी तो तोड़ते, लेकिन पूरे तीन महीने से यह प्रांत नस्लीय हिंसा में धूं- धूं कर जलता रहा, लेकिन पीएम मोदी ने अपने मुंह से एक शब्द बोलना गंवारा नहीं समझा. प्रधानमंत्री की इस चुप्पी से साफ होता है कि मणिपुर की इस हिंसा पर उनकी भी सहमति है, यही कारण है कि सब कुछ जानसमझ कर भी वह चुप्पी साध बैठे हैं, हालत यह मणिपुर के हालात सुप्रीम कोर्ट को फटकार लगानी पड़ रही है, उसके बाद भी सरकार वहां कोई पहल करती नजर नहीं आती, और आज भी बीरेन सिंह सीएम की कुर्सी पर विराजमान है.

    जदयू  ने ली चुस्की

    विनोद शर्मा के बयान पर चुस्की लेते हुए जदयू ने कहा है कि अब तो भाजपा के लोग भी इस पर शर्मीन्दगी महसूस करने लगे हैं.


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