यदि बच्चे का पढ़ने में नहीं लगता है मन तो स्टडी रूम में करें वास्तु से संबंधित ये बदलाव, परीक्षा में आएगा अच्छा परिणाम

    यदि बच्चे का पढ़ने में नहीं लगता है मन तो स्टडी रूम में करें वास्तु से संबंधित ये बदलाव, परीक्षा में आएगा अच्छा परिणाम

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):पढाई लिखाई आजकल के जमाने में कितनी ज्यादा जरूरी है ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है. बच्चे को पढाई की उम्र में जब पढाई में मन नहीं लगता है तो माता-पिता परेशान हो जाते है क्योंकि पढ़ाई लिखाई पर ही किसी भी बच्चे की भविष्य टिकी होती है. ऐसे में जब बच्चे नहीं पढ़ते है और उनका मन पढ़ने में नहीं लगता है तो माता-पिता को चिंता होती है कि आगे जाकर उनके बच्चे क्या बनेगे और उनका क्या होगा. अगर आपके बच्चे का भी पढ़ने में मन नहीं लगता है तो आपको वास्तु से जुड़े कुछ उपाय करना चाहिए.

     स्टडी रूम में करे वास्तु से संबंधित ये बदलाव

    वास्तु किसी के जीवन के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.वास्तु आपके घर में रखी छोटी-छोटी चीजों से जुड़ी होती है.वही इसकी दिशा भी तय करती है कि वह आपको नुकसान देगी या फायदा पहुंचाएगी.ऐसे में आज हम आपके बच्चों के स्टडी रूम से जुड़ें कुछ ऐसे वास्तु के उपाय बताने वाले है जिसको करते ही आपके बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा.वही इसका काफी ज्यादा अच्छा रिजल्ट भी आएगा.

    रूम का ये रंग रखें 

    वास्तु के अनुसार अगर बच्चे का स्टडी रूम के दीवार का रंग बादामी, आसमानी, सफेद या हल्का फिरोजी रंग की होनी चाहिए.वहीं अगर उनका स्टडी टेबल भी इस रंग का हो तो काफी ज्यादा शुभ माना जाता है.रंग बच्चे के वास्तु को मजबूत करता है.वही सकारात्मक ऊर्जा को खींचता है जैसे ही बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है और उनका काफी ज्यादा अच्छा परिणाम भी आता है.

    कमरे में हमेशा लाइट का अच्छा प्रबंधन करना चाहिए

    स्टडी रूम में हमेशा पूरे घर में रोशनी होनी चाहिए, क्योंकि अंधेरा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. जिसकी वजह से बच्चों को पढ़ाई में मन नहीं लगता और उनका मन पढ़ने में नहीं लगता है.इसलिए बच्चों के कमरे में हमेशा लाइट का अच्छा प्रबंधन करना चाहिए ताकि कहीं भी अंधेरा ना रहे.

    माता सरस्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा लगायें

    वही अगर आप बच्चे के स्टडी रूम में माता सरस्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा लगा कर रखते है तो यह काफी ज्यादा शुभ माना जाता है.माता सरस्वती विद्या की देवी है जिससे बच्चों को इनका आशीर्वाद मिलता है और साकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.इसके साथ ही कभी भी बच्चों के स्टडी टेबल को दीवार या दरवाजे से दूर रखना चाहिए.

    स्टडी रूम हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए

     वही स्टडी रूम हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए.ये दिशा स्वामी सूर्यदेव का माना जाता है और सूर्यदेव तेज, शक्ति के प्रतीक माने जाते है.इस वजह से उत्तर पूर्व दिशा बच्चों के मन, बुद्धि और विवेक को प्रभावित करती है.इस दिशा से बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.जिससे उनको पढाई में मन लगता है.


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