टीएनपी डेस्क(TNP DESK): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों फ्रांस के आधिकारिक दौरे पर हैं, इस दौरे का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को और मजबूत बनाना, वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना और तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है. प्रधानमंत्री शनिवार को फ्रांस के शहर नीस पहुंचे, जहां उनका भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह दौरा भारत और उसके महत्वपूर्ण विकास साझेदार देशों के साथ दोस्ती और सहयोग को नई मजबूती देगा.
फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक है. इस बैठक में दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे. रक्षा, व्यापार, तकनीक, शिक्षा, ऊर्जा और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है. दोनों देश पहले से ही रणनीतिक साझेदार हैं और इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन भी करेंगे. यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के बीच नवाचार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. इसमें भारत के कई स्टार्टअप, शोध संस्थान, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और वैश्विक कारोबारी नेता शामिल होंगे. इस मंच के जरिए भारतीय नवाचारों और नई तकनीकों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा. इससे भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेश और नए अवसर मिलने की संभावना है.
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी G7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जो फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होगा. इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक स्थिति, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे. भारत को विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी यहां विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की चिंताओं और अपेक्षाओं को भी प्रमुखता से उठाएंगे.
G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात होने की संभावना है. दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. यह बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
फ्रांस यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित वीवाटेक 2026 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यह यूरोप के सबसे बड़े तकनीक और स्टार्टअप आयोजनों में से एक माना जाता है. यहां वे नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे.
फ्रांस के अलावा प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का भी दौरा करेंगे. यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद पहली यात्रा होगी. वहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी का यह यूरोपीय दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने, नई साझेदारियां बनाने और तकनीक तथा आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
